हिमाचल: चेस्टर हिल विवाद की हाईकोर्ट जज से जांच मांगी:रणधीर बोले- CMO भ्रष्टाचार का अड्डा, सरकार की चुप्पी पर सवाल, प्रदर्शन का ऐलान

हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने चेस्टर हिल विवाद में चीफ मिनिस्टर ऑफिस (CMO) और सरकार के सचिवालय को भ्रष्टाचार का अड्डा बताया। शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि इस सरकार में भू-माफिया व वन माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है। इस भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का संरक्षण है। रणधीर शर्मा ने चेस्टर हिल भूमि प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा- मुख्य सचिव संजय गुप्ता को खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगे आरोपों का बचाव करना पड़ा, वह प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व घटना है। “जहां सफाई देने अधिकारी खुद सामने आएं और मुख्यमंत्री मौन है, वहां दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है,”। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- मुख्य सचिव द्वारा प्रेस वार्ता में कई पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लेने से प्रदेश में सनसनी का माहौल बन गया है। ऐसे में सीएम कार्रवाई करने के बजाय मौन है और तीनों अधिकारियों को संरक्षण की बात कह रहे हैं। रणधीर ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को न केवल बचा रही है बल्कि उन्हें एक्सटेंशन देकर महत्वपूर्ण पदों पर बैठा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने भ्रष्टाचार के बाद जिन अधिकारियों को पदों से हटाया, मौजूदा सरकार ने उनकी ताजपोशी की है। एंट्री टैक्स पर घेरा भाजपा ने एंट्री टैक्स को लेकर भी सरकार की आलोचना की। रणधीर शर्मा ने कहा कि सीएम ने विधानसभा में कहा था कि 5 सीटर वाहनों पर एंट्री टैक्स पहले वाला यानी 70 रुपए लिया जाएगा, लेकिन जब नोटिफिकेशन की गई तो उसमें 5 सीटर वाहनों पर 100 रुपए टैक्स लगाया गया। उन्होंने सीएम पर सदन को फभी गुमराह करने के आरोप लगाए। पंचायत चुनाव पर आरोप पंचायती राज चुनावों को लेकर भी रणधीर शर्मा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपने चहेतों को कुछ पंचायतें आरक्षित करने के लिए डीसी को पांच ‌फीसदी आरक्षण का अधिकार दे दिया। इससे सभी पंचायतों का रोस्टर बदल जाएगा। उन्होंने इसे संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ बताया और कहा कि इससे कानूनी विवाद पैदा कर चुनाव टालने की कोशिश हो सकती है। आंदोलन का ऐलान रणधीर शर्मा ने कहा- भाजपा ने इन मुद्दों को लेकर आंदोलन का ऐलान भी किया है। 8 से 11 अप्रैल तक प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी “जनहित के मुद्दों” को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाएगी।

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