अबोहर बोहर में गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब शहर के कारोबारियों पर दिख रहा है। रेस्टोरेंट, ढाबा और चाय विक्रेताओं को मजबूरन अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। ब्लैक मार्केट में सिलेंडर 2,000 रुपए तक में बिक रहे हैं, जिससे लागत में भारी वृद्धि हुई है। खाने की कीमतों में 10 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी
जानकारी के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी और महंगाई के कारण ढाबा संचालकों ने खाने की कीमतों में 10 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। ढाबा संचालक मदन मोहन भाटिया और अमित कुमार ने बताया कि गैस के साथ-साथ रिफाइंड तेल और डिस्पोजेबल सामान भी महंगे हो गए हैं, जिससे उनकी परिचालन लागत बढ़ गई है। चाय विक्रेताओं की स्थिति विशेष रूप से प्रभावित
चाय विक्रेताओं की स्थिति विशेष रूप से प्रभावित हुई है। रेलवे रोड पर चाय बेचने वाले कमल शर्मा और हरभगवान लूना ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें डीजल भट्टी का उपयोग करना पड़ रहा है। इस बदलाव से खर्च बढ़ गया है, जिसके परिणामस्वरूप पहले 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 15 रुपए में बेची जा रही है। डीजल चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर
शहर के कई ढाबा संचालक भी गैस की अनुपलब्धता के कारण डीजल चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि इससे न केवल काम में दिक्कतें आती हैं, बल्कि खर्च भी बढ़ जाता है। हालांकि, ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वे अपना काम जारी रखे हुए हैं।