कैथल में अनाज मंडी में किसानों द्वारा गेहूं की बिक्री के दौरान जहां बायोमेट्रिक सत्यापन होगा। वहीं इस बार एजेंसियों द्वारा खरीद की गई गेहूं की फसल को गोदाम में पहुंचने से पहले भी उनका सत्यापन किया जाएगा। इस बार जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिओ फेंसिंग सिस्टम लागू किया है। किसी भी तरह से फसल ले जाने वाले वाहन की गोदाम में तभी इंट्री होगी जब उनकी जिओ फेंसिंग हो जाएगी। सत्यापन के आधार पर होगी आवाजाही वाहनों की गेट में एंट्री से पहले और खाली होने के बाद पूर्ण जांच और सत्यापन के बाद ही उनकी आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का अनुमान है कि जिओ फेंसिंग होने से फसल के बिक्री से लेकर उनके गोदाम में भंडारण तक पूर्ण पारदर्शिता आएगी। हालांकि पहले यह नियम नहीं था, लेकिन गड़बड़ी की संभावनाएं रहती थी। इस बार भरे ट्रक की एंट्री और खाली ट्रक की निकासी का सत्यापन होगा, जिसके बाद गड़बड़ी की संभावना बिल्कुल समाप्त हो जाएगी। कैथल में तीन एजेंसियों के गोदामों में गेट पर यह सिस्टम लागू किया गया है। पारदर्शिता के दृष्टिगत नियम बनाया इस संबंध में डीएफएससी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिओ फेंसिंग का सिस्टम इस बार लागू किया गया है। पारदर्शिता के दृष्टिगत यह नियम बनाया गया है। ट्रकों की जिओ फेंसिंग के बाद एंट्री होगी और उनको खाली करने के बाद भी पूर्ण जांच पड़ताल के बाहर बाद एजेंसी से बाहर आने की अनुमति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस बार डीएफएससी, हरियाणा वेयर हाउस और हैफेड द्वारा फसल की खरीद की जानी है। सभी एजेंसियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं कि वे नियम के अनुसार कार्य करें ताकि फसल बिक्री से लेकर भंडारण तक पारदर्शिता रहे।