वैशाली में ससुरालवालों ने एक महिला को जिंदा जलाने की कोशिश की, लेकिन वो बच गई। जिसके बाद उसे जहर देकर मार डाला। गंडक नदी के किनारे आनन-फानन में उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तभी मायके वाले पुलिस को लेकर पहुंच गए। पुलिस ने जलती चिता को कब्जे में लिया, लेकिन सिर्फ हडि्डयां बची थी। पीड़िता के चाचा ने कहा कि भतीजी को 19 मार्च को जिंदा जलाने की कोशिश की, लेकिन वो बच गई। इसके बाद एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उसका इलाज शुरू हुआ, जहां उसे जहर का इंजेक्शन दिलवाया गया। इससे रविवार को उसकी मौत हो गई। घटना लालगंज थाना क्षेत्र के पिरापुर गांव की है। मृतका की पहचान खुशबू कुमारी (20) के रूप में हुई है। एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि पुलिस को एक महिला की संदिग्ध मौत की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला के ससुर को गिरफ्तार किया है। हालांकि, ससुराल के बाकि लोग फरार है, जिनकी गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई की जा रही है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़िए.. पूरा घटनाक्रम… शादी के बाद दहेज को लेकर होने लगा विवाद खुशबू की शादी करीब दो साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से पिरापुर के रवि कुमार से हुई थी। मृतका के भाई रोशन कुमार ने बताया कि शादी के शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसे जान से मारने और शव गायब करने की धमकी दी जाती थी। पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया, फिर अस्पताल ले गए मृतका के भाई और मां ने आरोप लगाया कि 19 मार्च को दहेज के लिए बेटी के साथ मारपीट की, फिर बाइक से पेट्रोल निकालकर खुशबू के ऊपर डाल दिया। इसके बाद आग लगा दी। घटना के बाद ससुराल पक्ष ने स्थिति को छिपाने के लिए उसे हाजीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने कहा कि ससुराल वालों ने इलाज के दौरान जहर का इंजेक्शन दिलवाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद बिना मायके वालों को सूचना दिए गंडक नदी के किनारे शव का अंतिम संस्कार शुरू कर दिया गया। हमलोगों के पहुंचते ही अधजला शव छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों की तलाश जारी एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जलते शव को बुझाकर जांच शुरू की। एफएसएल टीम को भी बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने मृतका के ससुर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं।