पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बीते कल (5 अप्रैल) को बठिंडा सदर पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारियों को बदलने का निर्देश दिया था। इसके जवाब में, बठिंडा के कोर्ट शमीर गांव की पंचायत ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें कहा गया है कि पुलिसकर्मी अपना काम सही ढंग से कर रहे हैं और उनका तबादला नहीं किया जाना चाहिए। यह निर्देश तब आया जब बठिंडा के गुलाबगढ़ गांव के सरपंच लखबीर सिंह लाखा ने मुख्यमंत्री मान से मुलाकात की। मुख्यमंत्री लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, तभी सरपंच लाखा ने शिकायत की कि उनके गांव में कई मौतें हुई हैं और नशीले पदार्थों की खुलेआम आपूर्ति हो रही है। सरपंच ने सीएम से कहा- पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई सरपंच ने आरोप लगाया कि पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद किसी भी कर्मचारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सदर पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारियों को बदलने का निर्देश दिया। नतीजतन, इन कर्मचारियों का मानसा में तबादला कर दिया गया। आज, बठिंडा की कोर्ट शमीर पंचायत ने एक प्रस्ताव पारित किया। पंचायत सदस्यों ने कहा कि उनका पुलिस स्टेशन कोर्ट शमीर में स्थित है और सभी कर्मचारी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, इसलिए उनका तबादला नहीं किया जाना चाहिए। पंचायत ने कहा- चौकी स्टाफ ड्यूटी ईमानदारी से निभा रहा पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव में लिखा गया है कि मुख्यमंत्री मान की बठिंडा जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान गुलाबगढ़ गांव के सरपंच लाखा सिंह ने नशीले पदार्थों की बिक्री के संबंध में शिकायत की थी। प्रस्ताव में कहा गया है कि कोर्ट शमीर चौकी द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने का आरोप पूरी तरह से गलत है। पंचायत ने जोर दिया कि कोर्ट शमीर चौकी का पूरा स्टाफ कानून के अनुसार अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभा रहा है। उन्होंने सभी पंचायतों से अनुरोध किया कि कोर्ट शमीर चौकी के स्टाफ का तबादला न किया जाए और यदि कोई शिकायत की गई है, तो वरिष्ठ अधिकारियों को उसकी जांच करनी चाहिए।