पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने मंगलवार को हावड़ा टाउन में जनसभा को संबोधित किया और सत्तारूढ़ TMC और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की तुलना लालू यादव से कर दी। सम्राट ने कहा कि बिहार में जब तक लालू यादव का राज था तो इस तरह से गुंडागर्दी होती थी। अब बिहार में NDA की सरकार है। वहां कानून का राज है। डिप्टी सीएम ने कहा, “अगर आप चाहते हैं कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित रहें, तो यहां भी बीजेपी की सरकार बनाइए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बंगाल का मुख्यमंत्री राज्य का ही बेटा या बेटी होगा।” सम्राट यहीं नहीं रुके। उन्होंने पीएम मोदी की विदेश नीति की तारीफ करते हुए कहा कि उनके एक फोन पर व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध रोक दिया। उन्होंने यह दावा किया कि भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने 9 जहाज सुरक्षित बाहर निकाले। PM मोदी के कहने पर पुतिन ने युद्ध रोका बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने कहा, “दुनिया में पिछले चार साल से युद्ध चल रहा है। जब हमारे बच्चे यूक्रेन में फंस गए, तो उन्होंने मेल और फोन के जरिए मदद मांगी। हमने वहां से साढ़े तीन लाख बच्चों को निकाला।” उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को फोन कर युद्ध रोकने के लिए कहा और युद्ध रुक गया। पुतिन ने पूछा कि भारतीय बच्चों की पहचान कैसे होगी, तो मोदी जी ने कहा कि जिसके हाथ में तिरंगा होगा, वह भारत का नागरिक होगा। तिरंगा लेकर दूसरे देशों के लोग भी वहां से निकल गए।” सम्राट ने घुसपैठ का मुद्दा उठाया बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अगर आप बंगाल को ‘सोनार बंगला’ बनाना चाहते हैं, तो बीजेपी की सरकार बनाइए। मुंबई तीन ओर से समुद्र से घिरा है, जबकि आपके यहां चारों ओर समुद्र है।” उन्होंने आगे कहा, “बंगाल में घुसपैठिए आपका हिस्सा खा रहे हैं। राज्य को लूटा जा रहा है। ममता बनर्जी ने झूठे वादों के जरिए बंगाल को नुकसान पहुंचाया है। वे घुसपैठियों के लिए दरवाजे खोलती हैं। हमारी सरकार बनाइए, हम सबसे पहले बंगाल के लोगों के लिए दरवाजे खोलने का काम करेंगे।” इस दौरान उन्होंने 5 लाख रोजगार देने का भी वादा किया। ममता ने राष्ट्रपति का अपमान किया अपने भाषण के दौरान डिप्टी CM ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी उसमें शामिल नहीं हुईं। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति का अपमान किया। जब वह यहां आईं, तो उन्हें प्रोटोकॉल के मुताबिक सम्मान नहीं दिया गया।” बिहार में इंडस्ट्री लगाने का काम कर रहे सम्राट ने कहा, “बिहार में हम इंडस्ट्री स्थापित कर रहे हैं। PM सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बिहार में जब महागठबंधन की सरकार थी, तब लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनते थे। हमारी सरकार बनते ही 15 दिनों के भीतर 2 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड दिए गए।” डिप्टी सीएम ने बंगाल के लोगों से कहा, “हमारी सरकार बनाइए, हम बंगाल के हर व्यक्ति का आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनवाएंगे।” बिहार मॉडल के सहारे वोटरों को साधने की कोशिश बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी अपने भाषणों में राज्य में NDA सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। खासकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे मुद्दों को वे बंगाल के मतदाताओं के सामने रख रहे हैं। बीजेपी का मानना है कि बंगाल में बसे बिहार मूल के मतदाता इन मुद्दों से जुड़ाव महसूस करेंगे और इससे पार्टी को चुनाव में फायदा मिल सकता है।
राजनीतिक संदेश और रणनीतिक संकेत बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी का यह अभियान सिर्फ चुनाव प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक संदेश भी देता है। बीजेपी बंगाल में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ प्रवासी समुदायों को भी साधने की कोशिश कर रही है। पार्टी बिहार मूल के मतदाताओं को एक संगठित वोट बैंक के रूप में देख रही है, जो चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने जिस तरह से सम्राट चौधरी को आगे किया है, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि पार्टी हर संभव सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण को साधने में जुटी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि “सोनार बंगला” का नारा और बिहार फैक्टर चुनावी नतीजों में कितना असर डालते हैं।