पंजाब के मलेरकोटला में पुलिस ने तीन नकली पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए है। आरोपियों से पुलिस ने तीन विदेशी पिस्टल बरामद किए हैं। आरोपी मलेरकोटला एरिया में वारदात को अंजाम देने आए थे। मलेरकोटला पुलिस को सूचना मिली थी कि, आरोपी मलेरकोटला एरिया में किसी वारदात को अंजाम देने आ रहे हैं, जिस पर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया और दबोच लिया। आरोपियों से पुलिस की वर्दी, नकली आईडी और पिस्टल बरामद हुई है। आरोपी तरनतारन जिले के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान मेहंदीपुर के रणबीर सिंह उर्फ दीपा, बल्टोहा के हरप्रीत सिंह व मेहंदीपुर के गुरलाल के रूप में हुई। पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर रही है। एसएसपी गगन अजीत सिंह ने कहा कि आरोपियों के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी और पता किया जाएगा कि इनके पास इंपोर्टेड पिस्टल कहां से आए हैं। आरोपियों के बारे में एसएसपी ने क्या-क्या बताया, सिलसिलेवार जानिए… रणबीर सिंह को किया पहले गिरफ्तार: पुलिस को सूचना मिली थी कि, रणबीर सिंह पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को धमकाता है। सूचना मिलने पर पुलिस ने पहले रणबीर सिंह को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की। उसके साथी घटना को अंजाम देने आ रहे हैं: एसएसपी गगन अजीत सिंह ने बताया कि आरोपी से जब पूछताछ की तो उसने बताया कि तरनतारन से उसके दो साथी और आ रहे हैं और वो किसी बड़ी घटना को अंजाम देंगे। वो भी पुलिस की वर्दी पहनकर आएंगे। रणबीर सिंह ने पूछताछ में पुलिस को पूरा प्लान बता दिया। पुलिस ने लगाया ट्रैप: एसएसपी ने बताया कि जब पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली तो क्राइम ब्रांच की टीम ने ट्रैप लगाया और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। उनसे मौके पर दो पिस्टल, पुलिस की वर्दी, फर्जी आईडी व अन्य सामान मिला। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने नाभा रोड पर बागड़िया के पास किसी के साथ ठगी करते हुए पकड़ा है। कोर्ट में पेश करके लेंगे रिमांड: एसएसपी ने कहा कि आरोपियों को कोर्ट में पेश करके रिमांड लेंगे और आगे पूछताछ करेंगे। उन्होंने बताया कि आरोपियों से यह पता करना बाकी है कि वो इंपोर्टेड पिस्टल कहां से लेकर आए। एसएसपी ने कहा कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह हो सकता है। बचने के लिए दूसरे जिले में करते हैं वारदात: एसएसपी ने कहा कि आरोपी पुलिस वर्दी पहनकर लोगों को धमकाते थे। उन्होंने बताया कि वो दूसरे जिले इसलिए चुनते हैं, ताकि वारदात करके वो अपने गांव जाकर पकड़े न जा सके। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने मलेरकोटला, पटियाला व संगरूर में वारदात करने की योजना बनाई थी।