मेरा बेटा रात को ड्यूटी पर जाता था तो बहू कहती थी दूसरी लड़की से मिलने गया है। उस पर झूठा आरोप लगाकर उसे परेशान करती थी। उसका मोबाइल, मेरा मोबाइल सबकुछ चेक करती थी। महिला कॉन्सटेबल वाली बात झूठी है। पूरे गांव में पूछ लीजिएगा मेरा बेटा कैसा था। वैशाली में सोमवार को किराए के मकान में सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने वाले खगड़िया के दरोगा कौशल कुमार की मां ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बात कही। कौशल का शव किराए के मकान में खून से लथपथ मिला था। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक जिला खगड़िया लाया गया। स्थानीय लोग, परिजन और पुलिसकर्मी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बाद में मुंगेर गंगा घाट पर पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दरोगा ने खुद को गोली क्यों मारी? मौके से सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। तिरहुत DIG चंदन कुशवाहा का कहना है कि दरोगा का हाजीपुर ट्रिजरी में तैनात महिला कॉन्सटेबल से अफेयर था। कॉन्स्टेबल उस पर पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। पढ़िए दरोगा की मां ने बेटे के सुसाइड को लेकर और क्या-क्या बताया… सास गाली देती, पत्नी पूरी सैलरी रख लेती थी दरोगा की शादी नंवबर 2025 में समस्तीपुर के दलसिंहसराय की भावना कुमारी से हुई थी। मां विमला देवी का कहना है कि शादी के दो महीने तक सबकुछ नॉर्मल था। इसके बाद छोटी-छोटी बात को लेकर झगड़ा होने लगा। मां का कहना है कि उसका बेटा जब ड्यूटी पर जाता था तो पत्नी कहती थी कि वह किसी से मिलने जा रहा है। ड्यूटी के बीच भी वीडियो कॉल पर चेक करती कि कहां है क्या कर रहा है। घर आते ही मोबाइल से सिमकार्ड निकालकर अपने फोन में डाल लेती थी। मेरा सिमकार्ड भी चेक करती थी। पता नहीं उसके दिमाग में क्या चल रहा था। पत्नी पूरी सैलरी जमा कराने कहती। घर में नौकरानी रखने के लिए उसे परेशान करती थी। वह अपनी मां से हर बात पर राय लेकर उसे कंट्रोल कर रही थी। मैं जब बेटे के साथ रहने गई तो मेरे बेटे पर दबाव बनाकर मुझे वहां से निकलवा दिया। कुछ दिन पहले भावना की मां, पिता और भाई मेरे पास आए थे बातचीत के लिए। कह रहे थे कि मेरी इकलौती बेटी है। उसे परेशान नहीं करने, वह घर का काम नहीं कर सकती, नौकरानी रखिए। एक बार तो मेरे बेटे को उसकी सास ने गाली भी दे दी थी। कहती थी मेरी बेटी को बाहर लेकर जाओ, घुमाओ। उसे टाइम दो। लेकिन उसकी ड्यूटी ही वैसी है तो वह टाइम अपने हिसाब से ही देगा। पिछले पांच दिनों में दोनों मां-बेटी मेरे बेटे को नाक में दम कर दिया था। मुझे नहीं पता था कि जैसे ही मैं घर लौटूंगी मेरा बेटा आत्महत्या कर लेगा। घटना के दिन क्या-क्या हुआ मां ने आगे बताया, मौत से एक दिन पहले बेटे की सास वैशाली आई थी, उस वक्त मैं खाना खा रही थी। गुस्से में मेरे पास आकर बोली कि भावना को कमजोरी है, एक नौकरानी रखिए, और आप यहां से अपने घर जाइए। इसी पर मेरा बेटा बोला- आप भी जाइए और मैं मां को भी खगड़िया भेज देता हूं। अगली सुबह-सुबह मेरा बेटा मुझे वैशाली से खगड़िया के लिए गाड़ी पर चढ़ा दिया। मैं जब खगड़िया पहुंची तो बेटे को फोन किया। बेटा रोते हुए कह रहा था मां, दोनों मां-बेटी(पत्नी और उसकी मां) ने मुझे बहुत बेइज्जत किया। मेरे साथ गाली-गलौज की। मैं कोर्ट में फाइल देने जा रहा हूं, हालांकि बेटे ने यह क्लीयर नहीं किया कि वो फाइल किस चीज की थी। कोर्ट परिसर में भी दोनों मां-बेटी उससे लड़ाई-झगड़ा और बेईज्जत करने लगी। कोर्ट से लौटने के बाद ही मेरे बेटे ने खुद को खत्म कर लिया। हाजीपुर की कॉन्सटेबल से अफेयर था DIG चंदन कुमार कुशवाहा ने बताया, शुरुआती जांच में लग रहा है कि कौशल ने पर्सनल कारणों से सुसाइड किया है। उनका हाजीपुर ट्रेजरी में पदस्थापित एक महिला कांस्टेबल से संबंध था। बाद में उन्होंने दूसरी महिला से शादी कर ली। शादी के बाद महिला कॉन्स्टेबल उन पर दबाव बना रही थी, जिसे लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी मानसिक तनाव के कारण यह घटना हुई प्रतीत होती है। हालांकि पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरोगा के परिजनों ने भी पत्नी और उनकी मां पर FIR दर्ज कराई है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।