टांडा मेडिकल कॉलेज में 52 नई पीजी सीटों को मंजूरी:कांगड़ा में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी

कांगड़ा जिले में डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज टांडा को आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए 52 अतिरिक्त स्नातकोत्तर (पीजी) और डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) सीटों की मंजूरी मिली है। इन नई सीटों के साथ, कॉलेज में प्रति बैच कुल 155 से अधिक पीजी और डीएम सीटें हो जाएंगी। बता दे कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने इन पाठ्यक्रमों के लिए 94 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है, जिसे राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के पास जमा कर दिया गया है। वर्तमान में, कॉलेज में 103 पीजी और डीएम सीटें उपलब्ध हैं। 52 नई सीटों के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 155 हो जाएगी। चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती यह विस्तार हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य की उच्च कुशल विशेषज्ञ और सुपर-विशेषज्ञ तैयार करने की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इन अतिरिक्त पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक शुल्क के रूप में 94 लाख रुपए की राशि पहले ही स्वीकृत कर दी थी। टांडा में चिकित्सा शिक्षा सुविधाओं का विस्तार यह राशि स्वीकृति प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के पास विधिवत जमा कर दी गई है। यह कदम टांडा में चिकित्सा शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश भर से प्रतिभाओं को भी आकर्षित करेगा इन स्नातकोत्तर और डीएम सीटों के जुड़ने से न केवल राज्य के मेडिकल स्नातकों को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि यह देश भर से प्रतिभाओं को भी आकर्षित करेगा। इससे प्रमुख विषयों में विशेषज्ञों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी, जिससे हिमाचल प्रदेश में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। राज्य से बाहर इलाज कराने की आवश्यकता को कम लक्ष्य कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि टांडा जैसे संस्थानों में निवेश करके, सरकार का उद्देश्य रोगियों को राज्य से बाहर इलाज कराने की आवश्यकता को कम करना है। उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि उन्नत चिकित्सा देखभाल हिमाचल प्रदेश में ही सुलभ हो। इसके अतिरिक्त, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की सीटों में वृद्धि से अनुसंधान, सम्मेलनों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ सहयोग सहित शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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