गुरुग्राम में 10 हजार कर्मचारियों की हड़ताल, धारा 163 लागू:पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की, 6 कंपनियों में काम ठप; DC बोले- सरकार ने वेतन बढ़ाया

हरियाणा के गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर की होंडा कंपनी के बाद अब आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को हड़ताल की। करीब दस हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी शर्तों की मांग को लेकर अपनी-अपनी कंपनी गेट के बाहर हड़ताल पर बैठ गए। इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल रहीं। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया तो नोकझोंक हुई। धक्का-मुक्की कर पुलिसकर्मियों का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों का कहना था कि यह उनकी हक की लड़ाई है, जिसमें प्रबंधन और उनके बीच का मामला है। पुलिस को बीच में नहीं आना चाहिए और न ही प्रबंधन की तरफदारी करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप भी लगाया।श् उधर, कर्मचारियों के हंगामे को देखते हुए जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी। डीसी ने बताया कि पुलिस के इनपुट यह धारा-163 लागू की गई है। उधर, देर शाम सात बजे तक कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद कंपनियों में छुट्टी होने के बाद सभी कर्मचारी अपने घर चले गए। कहना था कि कल भी उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उधर, डीसी अजय कुमार ने देर शाम बयान जारी किया। कहा कि सरकार की तरफ से न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की गई है। यह एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। बताया कि अकुशल श्रमिकों का वेतन 11275 से बढ़ कर 15220, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12430 से बढ़ कर 16780 रुपए और कुशल श्रमिकों का वेतन 13704 से बढ़ कर 18500 रुपए किया गया है। उच्च कुशल का वेतन 14389 से बढ़ कर 19425 रुपए हो जाएगा। यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत है। गुरुग्राम में कर्मचारियों की हड़ताल के PHOTOS…. हड़ताल पर क्यों गए कर्मचारी, यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए… कंपनी मालिकों पर लंबे समय से शोषण करने का आरोप : कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स लंबे समय से शोषण का शिकार हैं। न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम भुगतान, सुरक्षा और स्थायीकरण जैसी मांगें वर्षों से लंबित हैं। होंडा कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बाद अब सत्यम, मुंजाल शोवा, रिको और अन्य कंपनियों के कर्मचारी भी आंदोलन की राह पर हैं। इससे मानेसर के पूरे औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। हड़ताल की वजह से कंपनियों में काम ठप : हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई साल से उनकी सैलरी में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। आठ-आठ घंटे के मात्र 12 हजार रुपए दिए जाते है, उसमें भी नियम बताकर कई कटौतियां कर ली जाती हैं। गैस के दाम भी आसमान छू रहे है, ऐसे में कम सैलरी में परिवार को पालन-पोषण नहीं हो पा रहा है। हड़ताली कर्मचारियों प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते कंपनियों में कार्य पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे आईएमटी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। पुलिस कर्मियों के वीडियो बनाने पर बिफरे कर्मचारी : स्थिति पर कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिसकर्मियों के वीडियो बनाने को लेकर हड़ताली कर्मचारियों ने हंगामा किया। कुछ कर्मचारियों ने पुलिस जवानों के साथ धक्का मुक्की की और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। कर्मचारी बोले- मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज होगा: देर शाम सात बजे सभी कर्मचारी अपने घरों को लौट गए। उनका कहना था कि उनकी सैलरी में उचित वृद्धि की जाए, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को सुरक्षा दी जाए। कर्मचारी नेता ने कहा कि प्रबंधन हमारी बात नहीं सुन रहा और पुलिस हमें दबाने की कोशिश कर रही है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। कल भी हड़ताल रखी जा सकती है। डीसी ने बताया धारा-163 का मतलब… पुलिस के इनपुट पर लगाई गई धारा 163: जिला मजिस्ट्रेट एवं डीसी अजय कुमार के मुताबिक पुलिस विभाग से प्राप्त सूचना के आधार पर धारा 163 लगाई गई है। पुलिस ने अपने इनपुट में मानेसर आईएमटी क्षेत्र में संभावित प्रदर्शन एवं विरोध मार्च के चलते शांति व्यवस्था भंग होने, यातायात बाधित होने तथा आमजन की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होने की आशंका जताई गई थी। पांच या पांच से ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर बैन: डीसी ने बताया कि ताजा आदेशों के तहत आईएमटी मानेसर क्षेत्र में बिना अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही किसी भी प्रकार के हथियार जैसे गन, तलवार, लाठी, बर्छा, कुल्हाड़ी, जेली, गंडासा, चाकू आदि लेकर सार्वजनिक स्थानों पर आने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा सड़कों, रास्तों को अवरुद्ध करना या यातायात में बाधा उत्पन्न करना भी प्रतिबंधित किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कि गए : डीसी अजय कुमार ने कहा कि ये आदेश शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। उल्लंघन पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई: हालांकि, यह प्रतिबंध पुलिस बल एवं ड्यूटी पर तैनात अन्य सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। साथ ही, परंपरागत रूप से अनुमति प्राप्त समुदायों एवं दिव्यांग व्यक्तियों को नियमानुसार छूट दी गई है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति इन छूटों का दुरुपयोग कर कानून-व्यवस्था भंग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उद्यमी बोले- ऑटोमोबाइल और गारमेंट्स सेक्टर को नुकसान वहीं, उद्यमियों का कहना है कि यदि प्रबंधन और सरकार ने तुरंत संवाद नहीं किया तो यह आंदोलन अन्य फैक्ट्रियों में फैल सकता है, जिसका सीधा असर ऑटोमोबाइल्स सेक्टर की सप्लाई चेन पर पड़ेगा। हालांकि, देर शाम डीसी अजय कुमार ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की गई है। यह एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। कर्मचारियों से अपील की कि वे संयम बरतें। उधर, देर रात तक संबंधित कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया था। हड़ताल के अपडेट्स जानने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…

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