नीतीश जा रहे हैं, क्या खत्म होगी शराबबंदी:एक साथ नहीं, धीरे-धीरे बंदी खोल सकती है नई सरकार, 10 साल बाद क्यों हटेगा कानून

नीतीश कुमार के जाने के बाद क्या बिहार में शराबबंदी खत्म होने वाली है? यह सवाल जैसे-जैसे भाजपा के मुख्यमंत्री बनने का दिन नजदीक आ रहा है, लोगों के जेहन में तेजी से उठ रहा है। JDU को छोड़कर बाकी सारी पार्टियों BJP, RJD, HAM, RLM और LJP(R) के विधायक अब मुखरता से इसे खत्म करने की मांग कर रहे हैं। नई सरकार बनते ही क्या शराब पर से प्रतिबंध हटने वाला है। क्या पूरी तरह खत्म होगा कानून। शराबबंदी कानून खत्म करने की डिमांड क्यों उठ रही। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः शराबबंदी कानून को लेकर हाल में किस नेता ने क्या बातें कही? जवाबः शराबबंदी कानून को खत्म करने की डिमांड समय-समय पर होती रही है। इसमें विपक्ष के नेता से लेकर सत्ताधारी दल के नेता तक शामिल हैं। सवाल-2ः क्या नीतीश कुमार के जाने के बाद खत्म होगी शराबबंदी? जवाबः ज्यादा संभव है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नई सरकार चरणबद्ध तरीके से बिहार में शराबबंदी कानून को हटा सकती है। बताया जा रहा है कि सरकार पहले चरण में सरकारी नियंत्रण में शराब की बिक्री शुरू करेगी। नियंत्रित IMFL (Indian Made Foreign Liquor) आउटलेट्स खोले जाएंगे। इसके 3 बड़े मकसद हैं… पहले चरण के रिजल्ट का एनालिसिस किया जाएगा, उसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। मतलब शराबबंदी को पूरी तरह से हटाने का ऐलान होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक झटके में कानून को हटाने से बचना चाहती है। इससे महिलाओं, नीतीश समर्थकों के नाराज होने की संभावना है। हालांकि, अब तक सरकार ने आधिकारिक तौर पर शराबबंदी को खत्म करने का कोई बयान नहीं दिया है। सवाल-3ः क्यों खत्म हो सकती है शराबबंदी? जवाबः शराबबंदी कानून को खत्म करने के कयासों को पहली बार बल तब मिला जब 7 मार्च को डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने बयान दिया। हर साल 20 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान शराब बिक्री से बिहार को एक्साइज ड्यूटी (शराब पर टैक्स) मिलता था। यह राज्य की कुल GSDP (सकल घरेलू उत्पाद) का लगभग 1% था और राज्य के अपने टैक्स राजस्व का 15% से ज्यादा हिस्सा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *