चंडीगढ़ में NRI महिला का डेढ़ लाख का iPhone चोरी:बार-बार बदलती रही लोकेशन, पुलिस ने एक घंटे में खरड़ से ढूंढा

चंडीगढ़ के सेक्टर-35 में कनाडा से आई एक एनआरआई महिला का महंगा मोबाइल फोन चोरी होने का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ लाख रुपए कीमत का आईफोन 17 प्रो मैक्स बैंक के बाहर से गायब हो गया। घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने तेजी और मुस्तैदी दिखाते हुए महज एक घंटे के भीतर मोबाइल फोन को मोहाली के खरड़ से बरामद कर लिया। कनाडा की नागरिक पुनीत इंद्रप्रीत किसी काम के सिलसिले में सेक्टर-35 स्थित आईसीआईसीआई बैंक पहुंची थीं। बैंक से बाहर निकलने के कुछ देर बाद वह सेक्टर-42 पहुंची। उन्होंने अपना मोबाइल देखा तो वह गायब था। महंगा फोन और उसमें मौजूद जरूरी डाटा को लेकर वह घबरा गईं और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। लोकेशन बार-बार बदलती रही
सूचना मिलते ही पुलिस पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में पुलिस स्टेशन-36 से जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर नरवीर भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला की शिकायत दर्ज की और तुरंत मोबाइल को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। ट्रेसिंग के दौरान मोबाइल की लोकेशन मोहाली के खरड़ क्षेत्र में मिली। लोकेशन लगातार बदल रही थी और अंदर की गलियों में दिख रही थी, जिससे पुलिस को सटीक जगह तक पहुंचने में चुनौती का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पुलिस टीम तुरंत खरड़ पहुंची और इलाके में घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू कर दिया। बाइक सवार से बरामद हुआ मोबाइल
नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक बाइक सवार को रोका, जिसकी गतिविधि मोबाइल की लोकेशन से मेल खा रही थी। पहले तो वह युवक पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसे सेक्टर-35 में मोबाइल फोन सड़क पर पड़ा मिला था। आसपास कोई व्यक्ति न होने पर उसने उसे उठा लिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक ने मोबाइल चोरी नहीं किया था, बल्कि उसे पड़ा हुआ मिला था। इसके बाद पुलिस ने उसे सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया। वहीं, महिला ने भी मोबाइल वापस मिलने के बाद किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया। मोबाइल में था जरूरी डाटा और दस्तावेज
पुनीत इंद्रप्रीत ने बताया कि उनके मोबाइल में उनका अहम डाटा और जरूरी दस्तावेज मौजूद थे, जिनकी उनके पास कोई दूसरी कॉपी नहीं थी। मोबाइल की कीमत भी काफी अधिक थी, इसलिए उसे वापस मिलना उनके लिए बड़ी राहत की बात रही। महिला ने बताया कि उनके माता-पिता चंडीगढ़ के सेक्टर-44 में रहते हैं। वह कनाडा से भारत अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने आई थीं। इसी कारण वह अपना सोना बेचने के लिए सेक्टर-35 स्थित बैंक पहुंची थीं।

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