हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन और कृषि कार्यों पर सीधा असर पड़ा है। वर्तमान में हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और भिवानी सहित प्रदेश के कई इलाकों में आसमान में बादल छाए हुए हैं। हालांकि पिछले 24 घंटों में औसत न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की आंशिक वृद्धि हुई है, लेकिन इसके बावजूद यह सामान्य से 3.2 डिग्री कम बना हुआ है, जिससे रातों में अभी भी असामान्य ठंडक महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम में यह अस्थिरता बनी रह सकती है, जिसमें तेज हवाएं (25-35 किमी प्रति घंटा) चलने और दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। इस बदलते मिजाज को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने और फिलहाल नई बुवाई व कटाई रोकने की सलाह दी है।
एक्सपर्ट बोले- कल नया पश्चिमी विक्षोभ आएगा चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, 14 अप्रैल तक मौसम आमतौर पर खुश्क, लेकिन परिवर्तनशील रहेगा। 12 अप्रैल की रात एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव के कारण 13-14 अप्रैल को आंशिक बादल छा सकते हैं। बीच-बीच में हवाओं की दिशा और गति बदलेगी। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और रात में गिरावट जारी रहेगी। इस बदलाव से आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम ठंडक बनी रह सकती है। किसान क्या करें और क्या न करें बादल छाए रहने और मौसम में आए बदलाव के कारण मौसम विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है। किसानों को अगले 3 से 4 दिनों तक सरसों की कटाई और गहाई का काम रोकने को कहा है। किसानों से कहा गया है कि कटी हुई फसल को रस्सियों से अच्छी तरह बांधकर रखे, ताकि तेज हवाओं से फसल खेत में न बिखरे। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए भिंडी, लौकी, खीरा और ग्वार जैसी गर्मियों की सब्जियों की बुवाई फिलहाल टाल दें। इसी तरह मूंग और उड़द की बुवाई भी अगले 4 दिनों तक न करे। गेहूं की फसल में पीला रतुआ और चेपा की निगरानी करते रहें। यदि कीट का हमला दिखे, तो मौसम साफ होने पर ही अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव करें। दिन और रात के समय पशुओं को अच्छी तरह हवादार शेड के नीचे रखें। उन्हें प्रतिदिन 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक और खनिज मिश्रण दें ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।