पंजाब के ट्रक को महाराष्ट्र में लगाई आग:संगरूर का ड्राइवर बोला- रिश्वत मांगी, सिगरेट की चिंगारी फेंकी, आर्मी का ला रहा था सामान

पंजाब के ट्रक को महाराष्ट्र के नासिक में आग लगा दी गई। देखते ही देखते सामान लदा ट्रक जल गया। संगरूर के रहने वाले ट्रक ड्राइवर जगतार सिंह ने बताया कि घटना 10 अप्रैल दोपहर बाद की है। मैं पूना से बठिंडा जा रहा था। गाड़ी में आर्मी सीएसडी का सामान था। पुलिस वालों ने मुझे रोका और कहने लगे की तुम नो एंट्री में घुस गए हो। पुलिस वालों को जब कहा कि आप पंजाब की गाड़ी को ही क्यों रोक रहे हो, बाकी गाड़ियां तो निकल रही हैं। इस पर पुलिस वालों ने कहा कि 30 हजार रुपए दो। ड्राइवर जगतार सिंह ने कहा कि पुलिस वालों को कहा कि ट्रक में आर्मी का सामान है, मेरा कुछ नहीं है। ड्राइवर ने आरोप लगाया कि इस पर मुझसे 5 हजार रुपए मांगे। जब मैंने पैसे देने से मना कर दिया तो मुझे साइड में ले जाकर थप्पड़ मारे। इस दौरान एक पुलिस वाला सिगरेट पीने लगा तो ट्रक के डीजल टैंक में आग लग गई। जैसे ही आग भड़की तो सभी पुलिस वाले भाग गए। टोल नाके के CCTV फुटेज खंगाल रहे- जांच अधिकारी
ट्रक ड्राइवर ने आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों की गाड़ियों को महाराष्ट्र पुलिस वाले बिना पैसों से जाने नहीं देते। घटना की सचूना मिलने पर स्थानीय थाना प्रभारी, येवला के जांच अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में ऐसा लगता है कि आग ट्रक में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी होगी। ड्राइवर के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए हम टोल नाके के CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं। निष्पक्ष जांच के लिए विशेष टीम नियुक्त
वहीं नासिक ग्रामीण पुलिस के एसपी विक्रम देशमाने ने कहा कि ड्राइवर द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। हमने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम नियुक्त की है। घटना के समय पिंपळगाव जलाल टोल नाके पर जो भी हाईवे पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे, उनसे पूछताछ की जा रही है। वीडियो में ड्राइवर ने बताईं अहम बातें… ट्रक वालों से अवैध वसूली करती है महाराष्ट्र पुलिस- जगतार सिंह का कहना है कि वे पुणे से बठिंडा सेना का सामान लेकर जा रहे थे। येवला के पास पुलिस ने उन्हें नो एंट्री का डर दिखाकर रोका। पुलिसकर्मियों ने 30 हजार रुपए के चालान की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी, जिसका उन्होंने विरोध किया। मारपीट के बाद ट्रक को लगा दी आग- ड्राइवर ने आरोप लगाया कि विवाद बढ़ने पर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। उनका आरोप है कि एक पुलिसकर्मी सिगरेट पी रहा था और उसने बहस के दौरान जानबूझकर डीजल टैंक के पास चिंगारी फेंकी। ट्रक में गैस सिलेंडर होने के कारण तुरंत भीषण आग लग गई, जिससे सेना का सामान और गाड़ी पूरी तरह जल गई। आग लगते ही सभी पुलिस वाले भाग गए- जगतार सिंह ने बताया कि जैसे ही गाड़ी में आग लगी और धमाके शुरू हुए, मौके पर मौजूद 7-8 पुलिसकर्मी मदद करने के बजाय अपनी सरकारी गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस पर ड्राइवरों के शोषण और सिंद बॉर्डर जैसे इलाकों में भी जबरन वसूली करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद जानें किस अधिकारी ने क्या कहा..
जांच के लिए टीम बना दी गई है- पुलिस अधीक्षक (SP), नासिक ग्रामीण, विक्रम देशमाने ने घटना के बाद कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित की है। ड्राइवर द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। हमने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम नियुक्त की है। घटना के समय पिंपळगाव जलाल टोल नाके पर जो भी हाईवे पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे, उनसे पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग तकनीकी खराबी से लगी या इसमें किसी की संलिप्तता थी। SDPO बोले-ड्राइवर के बयान दर्ज, पुलिसकर्मियों की पहचान कर रहे- महाराष्ट्र के येवला क्षेत्र के SDPO सुनील जायभाये ने कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारी ने घटना के तुरंत बाद मीडिया को प्रारंभिक जानकारी दी। ड्राइवर का दावा है कि पुलिस के साथ विवाद के बाद आग लगाई गई, जबकि हमारी प्राथमिक जानकारी शॉर्ट सर्किट की ओर इशारा कर रही है। हालांकि, ड्राइवर के बयानों को दर्ज कर लिया गया है और हम उन पुलिसकर्मियों की पहचान कर रहे हैं जो मौके से चले गए थे। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री भुजबल ने दिए पुलिस वालों पर FIR के आदेश- महाराष्ट्र के नेता और स्थानीय विधायक छगन भुजबल ने ड्राइवर से मुलाकात के बाद पुलिस को फटकार लगाई। एक गरीब ड्राइवर जो पंजाब से सेना का सामान लेकर आ रहा था, उसके साथ ऐसी घटना होना शर्मनाक है। ड्राइवर कह रहा है कि पुलिस वालों ने रिश्वत मांगी और फिर गाड़ी जला दी। मैंने एसपी (SP) को निर्देश दिए हैं कि उन पुलिसकर्मियों पर तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जाए।

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