विश्व शांति महोत्सव में जीतनराम मांझी के सामने फेंकी कुर्सी:खान सर के नहीं आने से नाराजगी, छात्र बोले- भीड़ जुटाने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल हुआ

गयाजी के गांधी मैदान में ‘विश्व शांति महोत्सव 2026’ के पहले दिन आज हंगामा हो गया। प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने से लोग नाराज हो गए। बता दें कि आज खान सर आने वाले थे। इनके नाम के प्रचार के कारण बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र आक्रोशित हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी मंच पर मौजूद थे। महोत्सव के पोस्टर और प्रचार सामग्री में खान सर का नाम प्रमुखता से शामिल किया गया था। इसी कारण हजारों की संख्या में छात्र और युवा उन्हें सुनने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। जब कार्यक्रम के दौरान उनकी अनुपस्थिति दिखी, तो भीड़ का गुस्सा भड़क उठा। दर्शक दीर्घा में बैठे छात्रों ने पहले नारेबाजी शुरू की, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। इन्होंने खान सर को बुलाओ के नारे लगाए। कुछ छात्रों ने कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दीं। जिसका वीडियो भी सामने आया है। छात्रों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि आयोजकों ने केवल भीड़ जुटाने के लिए खान सर के नाम का इस्तेमाल किया। बोधगया के दूसरे कार्यक्रम में गए खान सर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आयोजन समिति के सदस्यों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। हलीम खान सहित अन्य सदस्यों ने मंच से लोगों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि खान सर किसी अन्य कार्यक्रम के कारण उपस्थित नहीं हो सके। जानकारी दी गई कि वे उसी दिन बोधगया में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। हालांकि, आयोजकों के प्रयासों के बावजूद कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। सुरक्षा व्यवस्था को भी सक्रिय करना पड़ा, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो। धीरे-धीरे हालात पर काबू पाया गया और कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। इस घटना ने आयोजन की तैयारियों और प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मुद्दा उठाया जा रहा है कि यदि किसी प्रमुख व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं थी, तो उनके नाम का प्रचार क्यों किया गया। मंच पर मौजूद रहे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी शांति महोत्सव में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी मौजूद रहे। महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री और धर्म गुरुओं, बुद्धिजीवियों ने दीप जलाकर किया। दरअसल आज ही बोधगया में एक निजी अस्पताल के कार्यक्रम में खान सर शामिल होने बोधगया पहुंचे थे, खान सर का नाम शांति महोत्सव में भी था। इनके नाम का भी आयोजकों की ओर से खूब प्रचार किया गया था। महोत्सव के सदस्य हलीम खान का कहना था कि खान सर रात दस बजे तक पहुंचेंगे। लेकिन, वो पटना चले गए है। इस कार्यक्रम में सनातन सर्वधर्म संसद के अध्यक्ष स्वामी सुशील गोस्वामी महाराज व पूर्णदेव महाराज, इस्लामिक स्कॉलर ब्रदर यूसुफ, सिख स्कॉलर एलायंस ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशन के परमपाल सिंह साबरा, सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी पूर्वी भारत के अध्यक्ष सूरज सिंह नलवा शामिल हुए है। इनके अलावा ईसाई स्कॉलर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीस एंड जस्टिस के फादर एमडी थॉमस कार्यक्रम में शामिल शामिल हुए हैं। बौद्ध धर्म से बीटीएमसी के धर्मेंद्र भंते कार्यक्रम में शरीक हुए, जबकि इस शांति महोत्सव में पंजाब के शाही इमाम भी शामिल नहीं हुए हैं। धर्मगुरुओं ने शांति और एकता का संदेश दिया हंगामे के बावजूद मंच पर कार्यक्रम जारी रहा और विभिन्न धर्मगुरुओं ने शांति और एकता का संदेश दिया।

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