विक्रमादित्य सिंह ‘बयान के हीरो, काम में जीरो’:हिमाचल भाजपा प्रवक्ता ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- मंत्रियों की फाइलें भी अटकी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्बाल ने सुक्खू सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार के साढ़े तीन साल पूरे होने के बाद “जनता के द्वार” जैसे कार्यक्रम केवल एक दिखावा बनकर रह गए हैं। जम्बाल ने निहरी (सुंदरनगर) में आयोजित एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता के गुस्से से घबराकर अब संवाद का नाटक कर रही है। जम्बाल ने सवाल उठाया कि जिस सरकार में कैबिनेट मंत्रियों की फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं, वह जनता की समस्याओं का समाधान कैसे कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी फाइलों के लंबित रहने की बात स्वीकार की है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगता है। विकास कार्य ठप, मुख्यमंत्री को सिर्फ करीबियों का ध्यान उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं, जबकि मुख्यमंत्री केवल अपने करीबी लोगों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जम्बाल के अनुसार, जनसभाओं में आत्मनिर्भरता, समृद्धि और व्यवस्था परिवर्तन जैसे बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रदेश आर्थिक संकट और अव्यवस्था का सामना कर रहा है। कांग्रेस की गारंटियां विफल, जनता त्रस्त भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव से पहले दी गई कांग्रेस की गारंटियां पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना बंद कर दी गई है, सहारा योजना के तहत पेंशन नहीं मिल रही है, और महिलाओं को 1500 रुपये देने का वादा भी अधूरा है। इसके अतिरिक्त, हिमकेयर जैसी महत्वपूर्ण योजना को भी जटिल शर्तों में उलझाकर कमजोर कर दिया गया है। टिप्पणी करने से कोई बड़ा नहीं होता विक्रमादित्य सिंह के बयानों पर पलटवार करते हुए जम्बाल ने कहा कि बड़े नेताओं पर टिप्पणी करने से कोई बड़ा नहीं बनता। उन्होंने मंत्री को “बयान के हीरो, काम में जीरो” वाली स्थिति से बाहर निकलने के लिए अपने विभाग का हिसाब देने की चुनौती दी। जम्बाल ने प्रदेश की सड़कों की खराब स्थिति, लंबित परियोजनाओं और अधूरी घोषणाओं को इसका प्रमाण बताया। जयराम ठाकुर का कार्यकाल स्थिरता और विकास का समय था जम्बाल ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जैसे नेताओं पर टिप्पणी करके अपनी हताशा और अपरिपक्वता दर्शाने का आरोप लगाया। उन्होंने जयराम ठाकुर के कार्यकाल को स्थिरता और विकास का समय बताया, जिसकी सराहना आज भी जनता करती है। अंत में, राकेश जम्बाल ने दोहराया कि “जनता के द्वार” का यह दिखावा अब ज्यादा दिन नहीं चलेगा।

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