फाजिल्का की अनाज मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है। किसान अपनी तैयार फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन इस बार बेमौसम बारिश और खराब मौसम ने गेहूं की पैदावार पर प्रतिकूल असर डाला है। नमी की मात्रा अधिक होने के कारण अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है, जिससे किसान और आढ़ती दोनों चिंतित हैं। गांव ओडियां के किसान इकबाल सिंह ने बताया कि वह करीब 35 एकड़ गेहूं की फसल लेकर मंडी पहुंचे हैं। उनके इलाके में बरसात और ओलावृष्टि से फसलें काफी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ पांच मन गेहूं की पैदावार कम होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। बरसात और ओलावृष्टि से हुई तबाही इकबाल सिंह के अनुसार, गेहूं की फसल पकने पर उन्हें उम्मीद थी कि वे इसे बेचकर अपनी जरूरतें पूरी कर पाएंगे, लेकिन बरसात और ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने बताया कि हर साल गेहूं की पैदावार की लागत बढ़ती जा रही है, और इन हालातों ने उन्हें प्रति एकड़ करीब 5 हजार रुपये का नुकसान पहुंचाया है। जो खर्च किया गया वह अलग । उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है। नमी होने के चलते कम आ रही फसल आढ़ती राजू खूंगर ने बताया कि फाजिल्का जिले में पहले अत्यधिक गर्मी पड़ने से गेहूं का दाना बारीक हो गया था। इसके बाद अचानक मौसम में बदलाव आया और बरसात व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। उन्होंने कहा कि फसलों में नमी होने के चलते अनाज मंडी में गेहूं फसल नहीं आ पा रही है । हालांकि अभी तक सिर्फ 300 से 400 तक एकड़ फसल ही मंडी में आई है । जबकि फसल में नमी की मात्रा होने से खरीद शुरू नहीं हुई है ।