सांप डसने पर बच्चे को 12 घंटे नदी में रखा:अमरोहा में रस्सी और लकड़ी से बांधा; झाड़-फूंक में गई बच्चे की जान

अमरोहा में एक 13 साल के लड़के को सांप ने डस लिया। अंधविश्वास के चलते घरवाले अस्पताल ले जाने की जगह झाड़-फूंक कराने में लगे रहे। तांत्रिकों के कहने पर लड़के को गंगा नदी के पानी में रस्सी और लकड़ी के सहारे बांध दिया। करीब 12 घंटे तक उसको बांधे रखा और ठीक होने का इंतजार करने लगे। दरअसल, यहां के कुछ क्षेत्रों में मान्यता है कि अमनतका देवी गंगा नदी के पानी में रहने से सांप का जहर उतर जाता है। लेकिन, 12 घंटे बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर घरवाले लड़के को एक हकीम के पास ले गए। जब घरवालों को लगा कि बच्चा मर गया, तो उसे गंगा नदी में बहा दिया। मामला आदमपुर थाना क्षेत्र का है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… पीतमपुर गांव में रहने वाले महंत मेहनत-मजदूरी करते हैं। घर में पत्नी पाला देवी के अलावा 4 बच्चे हैं। दो बेटे और दो बेटियों में अमित सबसे छोटा था। वह कक्षा- 4 में पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार शाम करीब 6 बजे अमित पशुओं के लिए भूसा लेने निकला था। खेत के पास ही उसे किसी जहरीले सांप ने काट लिया। 3 घंटे खेत पर काम करने के बाद वह घर लौटा और घरवालों को बताया कि मुझे सांप ने काट लिया है। इसके बाद अमित बेहोश हो गया। घरवालों ने उसको सीएचसी ले जाने के बजाय अंधविश्वास का रास्ता चुना। सबसे पहले अमित को लेकर संभल के गांव खड़करानी गए और वहां झाड़-फूंक कराते रहे। काफी देर तक जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो अमित को संभल के सिरसा क्षेत्र में एक अन्य स्थान पर ले गए। लड़के की स्थिति लगातार बिगड़ती रही, लेकिन घरवाले अस्पताल जाने से बचते रहे। शरीर में जहर फैलता रहा, नहीं चेते घरवाले अमित को शरीर में जहर फैल गया। अमरोहा के कुछ क्षेत्रों में लोगों को यह भ्रम है कि अगर सांप के काटे हुए व्यक्ति को गंगा नदी की लहरों के बीच रखा जाए तो जहर खत्म हो जाता है। इसी अंधविश्वास के चलते लोगों ने एक लकड़ी का ढांचा तैयार किया। इसमें अमित को बांध दिया गया और अमनतका देवी गंगा नदी के पास पहुंच गए। यहा शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे बच्चे को गंगा की लहरों के बीच बांध दिया गया। फिर सभी लोग बैठकर बच्चे के सही होने का इंतजार करते रहे। करीब 12 घंटे तक सब बैठे रहे, लेकिन बच्चे के शरीर पर कोई हलचल नहीं हुई। शरीर में हलचल नहीं हुई तो हकीम के पास ले गए
गंगा नदी में रखने के बाद भी जब अमित की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तब घरवाले उसे बुलंदशहर के स्याना के एक हकीम के पास ले गए। इस दौरान अमित की हालत और बिगड़ती चली गई। जब सभी प्रयास विफल हो गए और घरवालों को लगा की बच्चे की मौत हो गई है तो अमरोहा लौट आए। यहां शनिवार दोपहर करीब 2 बजे बच्चे का जल प्रवाह कर दिया। मां बोली- पुराने टाइम से यही हो रहा
मां पाला देवी ने बताया- बेटे अमित को तीन दिन से लिए-लिए घूमते रहे। गंगा में बांधने के सवाल पर कहा कि बड़े-बूढ़ों के समय से ही ये सब होता आ रहा है। हमने भी वही किया। जब बच्चे में कुछ बचा ही नहीं था तो डॉक्टर भी क्या करते? सीएचसी प्रभारी बोले- जागरूक नहीं हो रहे लोग सीएचसी रहरा के प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि बच्चे को यहां नहीं लाया गया था। गंगा में बांधे जाने की जानकारी मुझे मीडिया के जरिए मिली। इसमें पता चला है कि एक 13 साल का बच्चा है, जो पीतमपुर गांव का था। इनके घरवाले बच्चे को किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं ले गए। वह झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े रहे, जिससे बच्चे की जान चली गई। इसके लिए हम समय-समय पर मैसेज भी पूरे क्षेत्र में सर्कुलेट किया था। अगर आपको नहीं पता कि किस चीज ने काटा है या सांप ने काटा है, तो आप तुरंत सरकारी अस्पताल जाइए। जिससे पूरी जांच करके इलाज किया जा सके। 95% सांप जहरीले नहीं होते डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि 95% सांप ऐसे होते हैं, जो जहरीले नहीं होते। 5% ही ऐसे होते हैं जो जहरीले होते हैं। जो झाड़-फूंक वाले होते हैं, 95% वालों को बचाकर ये दिखाते हैं कि उन्होंने जहर से बचा लिया या जिसको काटा उसको बचा लिया। इस संबंध में अंधविश्वास फैल जाता है। लेकिन जो 5% वाले जहरीले सांप होते हैं, उसमें वो नहीं बचा पाते। इसमें वो लोग बोल देते हैं कि लेट हो गए या टाइम पर नहीं आ पाए। अगर टाइम पर वो अस्पताल आ जाएं, सरकारी अस्पताल में उनका सही से इलाज किया जाए, तो काफी लोग बच जाते हैं। हमारे CHC पर भी काफी केस ऐसे आए, जो बच गए हैं। इसलिए मेरा यही मैसेज है कि आप लोग किसी झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, सीधे सरकारी अस्पताल जाएं। यहां वैक्सीन उपलब्ध होती है और डॉक्टर तुरंत चेक करके इलाज करते हैं। एएसपी बोले- घरवालों ने नहीं दी सूचना अमरोहा के अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने बताया कि एक बच्चे को सांप ने काट लिया था। घरवालों ने उसका डॉक्टरी इलाज कराने के बजाय अंधविश्वास में पड़कर झाड़-फूंक या अन्य तरीकों से ठीक करने का प्रयास किया। सही समय पर उपचार न मिलने के कारण बच्चे की मौत हो गई। हालांकि, अभी तक घरवालों ने थाने पर इस संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं दी है। ————————— यह खबर भी पढ़ें…. वृंदावन में नाव डूबने से पहले और बाद का VIDEO, हंसी-खुशी राधे-राधे का भजन गा रहे थे, 15 मिनट बाद नाव पीपा पुल से टकराकर पलटी मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे से जुड़े 2 वीडियो सामने आए हैं। पहला- नाव डूबने से 15 मिनट पहले का है, जिसमें श्रद्धालु हंसी-खुशी राधे-राधे नाम जप कर रहे हैं। नाव में महिलाओं की संख्या अधिक थी। किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। दूसरा- श्रद्धालुओं के नदी में डूबने का है। नाव पलट चुकी थी। कुछ श्रद्धालु यमुना में डूब रहे थे, वहीं कुछ लोग बचने के लिए हाथ-पैर चला रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…

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