यूपी में गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। रविवार सुबह से मौसफ साफ है। तेज धूप निकली है। तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने अगले 15 दिन भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 8°C और न्यूनतम तापमान में 6°C की बढ़ोतरी होगी। पारा 40°C के पार जाएगा। बारिश नहीं होगी। 25-35 किमी. की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। गर्मी एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। कई जिलों में हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किमी तक दर्ज की गई, जिससे वातावरण शुष्क हो गया है। पारे में 4°C तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फिलहाल अगले 15 दिन तक किसी भी तरह का कोई सिस्टम या विक्षोभ सक्रिय नहीं हो रहा है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रयागराज और झांसी सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.6°C रिकॉर्ड किया गया। जबकि वाराणसी और उरई में पारा 37.4°C दर्ज किया गया। लखनऊ समेत कई जिलों में तेज हवाएं चलीं। इस वजह से रात के वक्त हल्की ठंड महसूस हुई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- प्रदेश में अगले दो सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहेगा। बारिश नहीं होगी। पछुआ हवाएं चलने से वातावरण में नमी घटेगी। गर्मी में और इजाफा होगा। रात और दिन के औसत तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। मौसम की आज की तस्वीरें- अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम साफ होने से किसानों को राहत
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम साफ होने से किसानों को राहत मिली है। क्योंकि, गेहूं की कटी पड़ी फसलें भीग गई थीं। तेज धूप होने से फसलें जल्दी सूखेंगी। इससे किसान जल्द से जल्द मड़ाई कर पाएंगे। फसलों के दाने काले पड़ने की आशंका कम होगी। अचानक आंधी-बारिश की वजह क्या थी?
अचानक आंधी-बारिश की वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस थी। ये इस सीजन में नॉर्मल है। हर साल इस सीजन में आंधी-तूफान के साथ बारिश होती है। हालांकि, इस साल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बहुत जल्दी-जल्दी आ रहे हैं। इस वजह से लगातार आंधी-बारिश का मौसम बना हुआ है। किसानों को नुकसान हुआ, गेहूं की फसल पर संकट
बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। इसे लेकर सीएम योगी ने अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए थे। कहा था कि अफसर 24 घंटे के भीतर नुकसान का सर्वे करें और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को मदद देना सरकार की प्राथमिकता है। ———————–