रेवाड़ी के धारूहेड़ा में ड्राइवर ने ट्रांसपोर्टर पर कमरे में बंधक बनाकर पिटाई करने का आरोप लगाया है। ड्राइवर रात को कमरे का दरवाजा तोड़कर भागा। यूपी के ड्राइवर ने 20 दिन पहले ही नई कंपनी में नौकरी जॉइन की थी। घायल ड्राइवर को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। सूचना मिलने के बाद धारूहेड़ा पुलिस ने बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इनकार करने पर बदल दी गाड़ी यूपी के कासगंज याकुतगंज निवासी 36 वर्षीय पंकज ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से मानसेर और धारूहेड़ा में ड्राइवर की नौकरी करता है। 20 दिन पहले उसने एक नई ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी जॉइन की थी। वह खुशखेड़ा से गुरुग्राम रुट पर चलता था। पिछले दिनों वह गाड़ी लेकर आ रहा था। रास्ते में ट्रांसपोर्टर के कहने पर बीच उसकी गाड़ी को रूकवाकर उसके सामान से छेड़छाड़ का प्रयास किया। जिससे उसने मना कर दिया। इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने उसे दूसरी गाड़ी पर लगा दिया। फोन कर खरखौदा से बुलाया पंकज ने आरोप लगाया कि, शुक्रवार को वह गाड़ी लेकर खरखौदा स्थित मारूति में गया हुआ था। ट्रांसपोर्ट के मुंशी ने फोन कर ट्रांसपोर्टर से मिलने के लिए बुलाया। जब वह ट्रांसपोर्टर के पास गया तो उन्होंने मुझे फिर पहले वाली गाड़ी चलाने के लिए कहा। जिसे चलाने के लिए मैंने इनकार कर दिया। जिस पर मुझे नौकरी छोड़ने की बात कही। ट्रांसपोर्टर ने मुझे कंपनी में गाड़ी छोड़कर आकर हिसाब करने को कहा। जब मैं कंपनी में गाड़ी छोड़कर गेट के पास चाबी देने पहुंचा तो ट्रांसपोर्टर अपने एक साथी के साथ वहां पहुंच गया। रॉड से पीटा, बंधक बनाया ड्राइवर ने आरोप लगाया कि गेट के पास ट्रांसपोर्टर ने अपने साथी के साथ उसकी रॉड व डंडों से पिटाई की। इसके बाद गाड़ी में डालकर आधा घंटा घुमाया और फिर कंपनी में आकर कमरे में बंद कर फिर से पिटाई की। रात को किसी प्रकार कमरे का दरवाजा तोड़कर वहां से भागने में सफल रहा। अपने परिचितों को फोन कर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जांच के बाद होगी कार्रवाई धारूहेड़ा थाना के एसएचओ कश्मीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने सूचना के बाद पीड़ित ड्राइवर के बयान दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि, ड्राइवर की पिटाई हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।