मोहाली के एक परिवार से लुधियाना की इमिग्रेशन कंपनी ने वर्क वीजा पर अर्मेनिया भेजने के नाम पर ठगी की है। परिवार का आरोप है कि आरोपी ने उन्हें ई-वीजा आने की बात औ टिकट बुकिंग तक करवाने के बहाने से 9.5 लाख रुपये ठग लिए। लेकिन यह फर्जी निकला। जब पैसे मांगे तो आरोपी उन्हें परेशान करना शुरू। परिवार ने शिकायत अतिरिक्त डिप्टी डायरेक्टर, एनआरआई विंग, पंजाब को दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लुधियाना के हरपाल के खिलाफ एनआरआई थाने में मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर आपराधिक विश्वास, धोखाधड़ी और इमिग्रेशन की धारा 24 के तहत केस दर्ज किया है। अब तीन प्वाइंटों में जानिए सारा मामला 1. महीने में वीजा लगाने का दावा किया इंद्रजीत ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे परमीत के लिए रोमानिया भेजने हेतु लुधियाना की एक वीजा कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी समराला चौक निवासी हरपाल सिंह चलाता है। आरोपी ने उन्हें कहा कि वह बेटे परमीत का वीजा एक महीने में लगवा देगा। आपको कुछ पेमेंट वीजा लगने से पहले और बाकी बाद में करनी होगी। मैंने 50 हजार रुपये प्रोसेस शुरू करने के लिए दे दिए। 2. ई वीजा दिखाकर ले गया रकम इसके बाद आरोपी ने अर्मेनिया का ई-वीजा लगा दिया, लेकिन मेरे बेटे के पूरे कागजात व वीजा नहीं दिखाए। फिर आरोपी ने मुझसे पूरी कीमत मांगी। मैंने चार अगस्त 2025 को एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। दो दिन बाद आरोपी मोहाली आया और डेढ़ लाख रुपये नकद ले गया। 3. टिकट तो दूर फोन उठाना शुरू कर दिया आरोपी ने बताया कि उसके बेटे का वीजा 15 अगस्त को खत्म होने वाला है। ऐसे में 10 तारीख की टिकट बुक करवा दी। लेकिन आरोपी ने धोखे में रखा, न टिकट बुक करवाई और न कोई जानकारी दी। इसके बाद हमें परेशानी हुई। इसके बाद जब हमने फोन कर पैसे मांगने शुरू किए तो वह गाली-गलौच करने लगा और जान से धमकियां मारने लगा।