आम लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर मिलें, इसके लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच ऑटो अपील सिस्टम (AAS) लागू करने को लेकर समझौता (MoU) हुआ है। इसका सीधा फायदा जनता को मिलेगा, क्योंकि अब तय समय में काम नहीं होने पर शिकायत अपने आप अगले अधिकारी तक पहुंच जाएगी। आयोग के अनुसार, यह सिस्टम पूरी तरह तकनीक पर आधारित है और इसका उद्देश्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बढ़ाना है। यानी अगर किसी व्यक्ति का काम तय समय में नहीं होता, तो उसे अलग से अपील करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सिस्टम खुद ही मामला उच्च स्तर पर भेज देगा। कमीशन के पास ही रहेगा सिस्टम बताया गया कि केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस तरह की प्रणाली अपनाने की सिफारिश की है, ताकि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो और आम लोगों व कारोबारियों को आसानी से काम मिल सके। समझौते के तहत यह सिस्टम हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के पास ही रहेगा। जबकि चंडीगढ़ प्रशासन इसका उपयोग केवल सरकारी सेवाओं के लिए कर सकेगा। इसका कोई व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा और बिना अनुमति इसे किसी अन्य संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। चंडीगढ़ को निशुल्क देगा सिस्टम अधिकारियों ने बताया कि यह सिस्टम चंडीगढ़ प्रशासन को निशुल्क दिया गया है। जरूरत पड़ने पर हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन तकनीकी मदद भी देगा, लेकिन इसके संचालन और खर्च की जिम्मेदारी चंडीगढ़ प्रशासन की ही होगी। यह समझौता 5 साल के लिए लागू रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। किसी विवाद की स्थिति में समाधान आपसी बातचीत से किया जाएगा। सरकारी ऑफिस के नहीं लगाने होंगे चक्कर हरियाणा का यह ऑटो अपील सिस्टम अब दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया जा रहा है। इससे उम्मीद है कि लोगों को सरकारी दफ्तरों में काम के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सेवाएं तय समय पर होंगी।