चंडीगढ़ की बेटी को FIFA टैलेंट एकेडमी का न्योता:सिलेक्ट हुईं तो प्रोफेशनल फुटबॉलर बनेंगी; पिता रेहड़ी लगाते, सरकारी स्कूल में पढ़ रहीं

चंडीगढ़ की रहने वाली रीमा चौहान की जल्द ही किस्मत बदल सकती है। उन्हें ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) की ओर से हैदराबाद में आयोजित AIFF–FIFA टैलेंट एकेडमी के ट्रायल का न्योता आया है। यह ट्रायल 21 से 23 अप्रैल को होने हैं। इसके लिए पूरे भारत से केवल 30 स्टूडेंट्स चुने गए हैं। अगर ट्रायल में रीमा का सिलेक्शन हो जाता है तो एकेडमी ही उन्हें प्रोफेशनल फुटबॉल खिलाड़ी बनने में मदद करेगी। इसे लेकर चंडीगढ़ स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट भी उत्साहित है। रीमा मिडिल क्लास फैमिली से आती हैं। वह सरकारी स्कूल में पढ़ रही हैं। उनके पिता रेहड़ी लगाते हैं। उनके भाई भी फुटबॉल खेलते हैं। रीमा को ट्रायल का न्योता मिलने से सभी को अच्छे भविष्य की उम्मीदें हैं। रीमा के सफर को 3 पॉइंट्स में जानें… कोच ने शुरुआत में ही पहचान ली थी प्रतिभा
रीमा चौहान के कोच भूपिंदर सिंह पिंका हैं। वह रीमा के स्कूल में ही बच्चों को ट्रेनिंग देते हैं। उन्होंने रीमा चौहान की प्रतिभा को शुरुआती दौर में ही पहचान लिया था। इसके बाद उन्होंने रीमा को नियमित व पेशेवर ट्रेनिंग दी। उन्होंने रीमा के तकनीकी कौशल, फिटनेस और मानसिक मजबूती को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उनका मार्गदर्शन किया। AIFF टैलेंट एकेडमी के ट्रायल तक पहुंचने में भी उनके मार्गदर्शन की निर्णायक भूमिका रही। दुनियाभर में टैलेंट खोजती है फीफा टैलेंट एकेडमी
फीफा टैलेंट एकेडमी फीफा की टैलेंट डेवलपमेंट स्कीम (TDS) के तहत शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में उभरती फुटबॉल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग प्रदान करना है। भारत में यह कार्यक्रम ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के सहयोग से संचालित किया जाता है। इस एकेडमी में देशभर से चयनित युवा खिलाड़ियों को ट्रायल्स और स्काउटिंग के माध्यम से चुना जाता है। एकेडमी में खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोच तकनीकी, सामरिक और फिटनेस से जुड़ी ट्रेनिंग देते हैं। इसके साथ ही उन्हें आधुनिक खेल सुविधाएं, स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट, फिजियोथेरेपी, पोषण संबंधी मार्गदर्शन और वीडियो विश्लेषण जैसी सेवाएं भी मिलती हैं। खिलाड़ियों के विकास के लिए शिक्षा, सुरक्षित आवास और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था भी की जाती है, ताकि वे पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बना सकें। फीफा टैलेंट एकेडमी का मुख्य लक्ष्य खिलाड़ियों को पेशेवर फुटबॉल के लिए तैयार करना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के योग्य बनाना है। चंडीगढ़ से ये खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए खेल चुके दुनिया के प्रतिष्ठित क्लब लिवरपूल एफसी को हराया
चंडीगढ़ और मोहाली की सबसे प्रमुख फुटबॉल अकादमियों में से एक मिनर्वा एकेडमी को भारतीय फुटबॉल की फैक्ट्री माना जाता है। यह एकेडमी मोहाली के दांव गांव में है और यहां से 100 से अधिक खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं। हाल ही में अप्रैल 2026 में इसकी अंडर-15 टीम ने स्पेन में आयोजित MIC कप में दुनिया के प्रतिष्ठित क्लब लिवरपूल एफसी को 6-0 से हराकर इतिहास रच दिया। इसके अलावा, यह भारत की एकमात्र एकेडमी है, जिसने एक ही साल में सभी प्रमुख राष्ट्रीय युवा खिताब जीते हैं। इससे जुड़े क्लब मिनर्वा पंजाब एफसी ने 2017-18 में आई-लीग का खिताब भी अपने नाम किया था। गुरप्रीत सिंह संधू, संदेश झिंगन और जेकसन सिंह जैसे नामी खिलाड़ी भी इसी एकेडमी की देन हैं।

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