पूर्व क्रिकेटर बोला- पंजाब में इन्वेस्टमेंट क्राइम:रजिस्ट्री के लिए 28 को रिश्वत देनी पड़ी, इनमें तहसीलदार भी; खुलासे के बाद X अकाउंट सस्पेंड

पंजाब में जमीनों के रजिस्ट्रेशन अब ऑनलाइन होते हैं। सरकार का दावा है कि रजिस्ट्री ऑनलाइन अपलोड की जाती है और वेरिफिकेशन के बाद खरीदार किसी सब रजिस्ट्रार दफ्तर में जाकर फोटो करवा सकता है। सरकार के इस दावे की पोल पुलकित नाम के एक पूर्व क्रिकेटर ने खोली है। पुलकित ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट (X) पर लिखा कि पंजाब में एक जमीन खरीदी और उसकी रजिस्ट्री करवाई। रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसीलदार समेत 28 लोगों को रिश्वत देनी पड़ी। पोस्ट के आखिर में उसने शेमफुल लिखा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि पंजाब में उन्होंने कहां और कब जमीन खरीदी। पुलकित शर्मा ने पोस्ट में सुखबीर बादल, हरसिमरत बादल, आम आदमी पार्टी (AAP) और सीएम भगवंत मान को टैग किया। अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर बादल ने पुलकित शर्मा की पोस्ट को रीट्वीट भी किया और सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए। पुलकित की इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने शेयर किया है। जब पोस्ट वायरल होने लगी तो 18 अप्रैल को पुलकित शर्मा का X अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। पुलकित ने जिस अकाउंट से पोस्ट की थी, वह ब्लूटिक अकाउंट था। हालांकि, अभी इस पर सरकार की ओर से कोई रिएक्शन नहीं दिया गया है। उधर, AAP के सोशल मीडिया जालंधर के इंचार्ज प्रिंस शर्मा ने X हैंडल पर लिखा- यह नैरेटिव ज़ोर-शोर से फैलाया जा रहा है, लेकिन तथ्य इसका समर्थन नहीं करते। क्रिकेटर पुलकित शर्मा ने अपना X (ट्विटर) अकाउंट खुद डिलीट किया था- इसे सरकार ने ‘सस्पेंड’ नहीं किया था। वकील ने कहा चूक हुई तो फाइल अटक जाएगी पुलकित शर्मा ने पंजाब के सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में चले नेक्सेस का पर्दाफाश किया है। उनका कहना है कि वकील ने रजिस्ट्री करवाने से पहले ही कह दिया था कि यहां अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग रेट हैं। सभी को देना पड़ेगा। अगर न दें तो वे फाइल अटका देंगे और आपकी रजिस्ट्री लेट होती जाएगी। फिर उन्हें सभी के हिस्से की रिश्वत तय फीस के साथ देनी पड़ी। पुलकित शर्मा ने खुद को बताया फॉर्मर नेशनल क्रिकेटर पुलकित शर्मा का X पर @Pulkits77 के नाम से एकाउंट था। एकाउंट की प्रोफाइल में उन्होंने खुद को फॉर्मर नेशनल क्रिक्रेटर लिखा। इनलाइन हॉकी के स्टेट गोल्ड मेडलिस्ट के अलावा खुद को विदेशी यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट बताया था। इसके अलावा उन्होंने खुद को फिटनेस, आईआर एंड टेक एक्सपर्ट लिखा है। पुलकित शर्मा कहां से क्रिकेट खेलते रहे, इस बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है। पुलकित ने ये 2 बातें लिखीं… सुखबीर बादल ने रीट्वीट किया अकाली दल के नेता वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल ने सोशल मीडिया पर पुलकित का पोस्ट रीट्वीट किया। इसके साथ उन्होंने लिखा- मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके भ्रष्ट सहयोगियों पर लानत है। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी पुलकित शर्मा को भी पंजाब में एक साफ-सुथरी जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए तहसीलदार और 28 अन्य लोगों को रिश्वत देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने लिखा- AAP के मंच पर किए जाने वाले ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई के ड्रामे अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। तय रेट, जानबूझकर देरी, फाइलों को जानबूझकर अटकाना, यही AAP का असली काम करने का तरीका है। यह गहराई तक फैली लूट निवेशकों को दूर भगा रही है और पंजाब के भविष्य को बर्बाद कर रही है। इसे तुरंत ठीक करें, वरना अपनी विफलता स्वीकार करें और इस्तीफा दें। पंजाब में रजिस्ट्री करवाने की यह प्रकिया पंजाब में जमीन खरीदने वाले को रेवेन्यू डिपार्टमेंट के पोर्टल पर पुरानी रजिस्ट्री, फर्द, बेचने वाले का आधार कार्ड, खरीदने वाले का आधार कार्ड, दो गवाहों के आधार कार्ड अपलोड करने होते हैं। इसके साथ एनआरसी भी अपलोड करनी होती है। दस्तावेज अपलोड होने के बाद सब-रजिस्ट्रार यानी तहसीलदार या नायब तहसीलदार के पास जाते हैं। वे दस्तावेजों की जांच करते हैं। अगर दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो वह अप्रूवल दे देते हैं। उसके बाद रजिस्ट्री करवाने वाले को मैसेज जाता है। रजिस्ट्री करवाने वाला फिर अपॉइंटमेंट लेकर किसी भी सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में जाकर फोटो करवाकर रजिस्ट्री करवा सकता है। अगर तहसीलदार या नायब तहसीलदार दस्तावेजों पर ऑब्जेक्शन लगाता है तो उस ऑब्जेक्शन को दूर कर पूरी प्रक्रिया दोबारा अपनानी पड़ती है। AAP बोली- खुद अकाउंट डिलीट किया AAP के सोशल मीडिया जालंधर के इंचार्ज प्रिंस शर्मा ने X हैंडल पर लिखा- यह नैरेटिव ज़ोर-शोर से फैलाया जा रहा है, लेकिन तथ्य इसका समर्थन नहीं करते। क्रिकेटर पुलकित शर्मा ने अपना X (ट्विटर) अकाउंट खुद डिलीट किया था- इसे सरकार ने ‘सस्पेंड’ नहीं किया था। अगर उनके आरोपों में कोई सच्चाई होती, तो वह पोस्ट करने के बाद गायब होने के बजाय सबूत पेश करते। बिना सबूत के भ्रष्टाचार के आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन पर कायम रहना ही असली बात होती है। बिना किसी आधार के ऐसे आरोप लगाना केवल अनावश्यक डर और भ्रम पैदा करता है।
भगवंत मान और AAP सरकार को निशाना बनाने से पहले ज़मीनी हकीकत देखना ज़रूरी है- भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ बातों में नहीं, बल्कि वास्तव में की जा रही है। हकीकत यह है- आरोप बिना सबूत के लगाए गए, अकाउंट खुद डिलीट किया गया, सस्पेंड नहीं हुआ अब इसे एक राजनीतिक नैरेटिव के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है

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