महावीर मन्दिर में कल धूमधाम से जानकी नवमी मनाई जाएगी। इसे लेकर मंदिर में विशेष सजावट और पूजा होगा। मंदिर में पूजा सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी। पूजा सम्पन्न होने के बाद 24 घंटे का ‘अष्टयाम कीर्तन’ होगा। माता जानकी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। महावीर मंदिर में प्राचीन परंपरा के अनुसार विशिष्ट पूजा पद्धति से माता जानकी का पूजन होगा। यह पूजा का कार्यक्रम मंदिर के दक्षिण-पूर्व कोण पर स्थित राम-जानकी की प्रतिमा के समक्ष होगा। पूजा के बाद हवन और आरती होगी। भक्त कतारबद्ध होकर दर्शन कर सकते हैं। माता सीता के प्रकाट्य दिवस पर जानकी नवमी मनाने का विधान पंडित भवनाथ झा ने कहा कि, ‘माता सीता के प्रकट होने के उपलक्ष्य में धर्मशास्त्रियों ने जानकी-नवमी मनाने का विधान किया है। इस दिन व्रत और जानकी की विशेष पूजा करना का विधान है। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य कृत वैष्णवमताब्जभास्कर में जानकी नवमी व्रत का उल्लेख किया गया है। इस प्रसंग में रामानन्दाचार्य कहते हैं कि वैशाख मास में शुक्ल पक्ष में पुष्य नक्षत्र से युक्त नवमी तिथि में श्रीजनक ने हल से क्षेत्र को जोता; इससे सीता उत्पन्न हुई। इस अवसर पर व्रत करना चाहिए।’ मंदिर में अनुष्ठान-त्योहार का आयोजन श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने कहा कि, ‘महावीर मंदिर में आयोजित होने वाली सभी अनुष्ठान-त्योहार का विशेष ध्यान रखा जाता है। भक्तों को भी मंदिर में आयोजित होने वाले अनुष्ठान-त्योहार का आदि का इंतजार रहता है। इस वजह से हर छोटे से बड़े त्योहार का आयोजन धूमधाम से किया जाता है।’