पंजाब में नशों के खिलाफ जारी अभियान के बीच खन्ना पुलिस ने एक मिसाल पेश की है। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में पुलिस ने न केवल नशे के खिलाफ सख्ती दिखाई, बल्कि एक अत्यंत गरीब और नशे की मार झेल रहे परिवार को नया जीवन देने की जिम्मेदारी भी उठाई। मामला तब चर्चा में आया जब खन्ना की एक युवती का नशे की हालत में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। एसएसपी ने इसे महज एक अपराध नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक समस्या माना। उन्होंने पुलिस की कई टीमें गठित कर युवती की तलाश शुरू करवाई। करतार नगर इलाके में परिवार को ढूंढने पर उनकी बदहाली की दर्दनाक तस्वीर सामने आई। मौके पर पहुँची मदद: राशन से लेकर व्हीलचेयर तक जांच में पता चला कि परिवार बुनियादी सुविधाओं के लिए भी मोहताज था। घर में न राशन था और न ही रसोई गैस। इस पर एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने तुरंत कार्रवाई करते हुए:नशे की लत में फंसी युवती को तुरंत पटियाला के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया। ‘खत्री चेतना मंच’ और ‘जज्बा’ संस्था के सहयोग से परिवार को महीने भर का राशन दिया और भविष्य में भी इसकी निरंतरता का वादा किया। परिवार के दिव्यांग बच्चे को व्हीलचेयर प्रदान की। एसएसपी का संदेश: सेवा भाव ही असली समाधान परिवार से मुलाकात के दौरान डॉ. आहलूवालिया ने कहा कि केवल आलोचना करने से नशा खत्म नहीं होगा। उन्होंने सिख कौम की निस्वार्थ सेवा की परंपरा का हवाला देते हुए समाज से अपील की कि लोग आगे आएं और पीड़ितों की जानकारी पुलिस को दें ताकि उनका मुफ्त इलाज और पुनर्वास किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस जहां नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त है, वहीं पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने को तैयार है। परिवार को मिली नई उम्मीद पीड़ित परिवार की सदस्य रानी ने भावुक होकर बताया कि नशे ने उनके घर को तबाह कर दिया था, लेकिन पुलिस की इस पहल ने उन्हें उम्मीद की किरण दिखाई है। परिवार के बेटे ने भी भविष्य में नशा न करने का संकल्प लिया। खत्री चेतना मंच ने यह पहल केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत है। प्रशासन और समाज मिलकर काम करें, तो नशे को जड़ से खत्म किया जा सकता है। इस मौके पर डीएसपी तरलोचन सिंह, डीएसपी विनोद कुमार, इंचार्ज जरनैल सिंह और अजीतेज कौशल सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की पूरे इलाके में सराहना हो रही है।