लेनदेन के विवाद में चचेरे भाई-भतीजे ने की थी हत्या:बरनाला में 6 माह पुराने कत्ल की गुत्थी सुलझी, पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

पंजाब के बरनाला जिले में पुलिस ने लगभग छह महीने पुराने एक अज्ञात हत्या के मामले को सुलझाने में सफलता हासिल की है। धनौला क्षेत्र में हुई इस वारदात के संबंध में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीएसपी सिटी सतबीर सिंह बैंस ने बताया कि यह मामला 6 नवंबर 2025 को थाना धनौला में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के आरोप में दर्ज किया गया था। मृतक की पहचान हरजिंदर सिंह उर्फ काला के रूप में हुई थी। पुलिस ने मृतक के बेटे तेग सिंह के बयानों के आधार पर जांच शुरू की थी। सीआईए बरनाला और थाना धनौला की टीमों ने तकनीकी और गहन जांच के बाद इस कत्ल की गुत्थी सुलझाई। जांच में दानगढ़ रोड, धनौला निवासी गुरप्रीत सिंह (मृतक का चचेरा भाई), हरप्रीत सिंह (तारा का बेटा) और हरविंदर सिंह (भतीजा) का हाथ पाया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सात लाख रुपए के बंटवारे का था विवाद आरोपियों और मृतक के बीच रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद था। कुछ समय पहले उन्होंने एक साझा प्लांट बेचा था, जिसमें 7 लाख रुपये के बंटवारे को लेकर अनबन हो गई थी। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी मृतक से पैसे मांगते थे, लेकिन हरजिंदर सिंह ने उन्हें पैसे देने से इनकार कर दिया था। बहाने से बुलाया, हथौड़ से मारकर की हत्या इसके चलते आरोपियों ने रंजिश रख ली। इसके बाद उसकी हत्या की साजिश रची। साजिश के अनुसार आरोपियों ने हरजिंदर सिंह को किसी बहाने से घटनास्थल पर ले गए थे। वहां मौका पाकर तीनों में से एक आरोपी ने लोहे के भारी हथौड़े से वार कर हरजिंदर की हत्या कर दी। हत्या के बाद परिजनों के साथ मिलकर खोजने का किया नाटक सभी आरोपी मृतक के परिचित परिवारों से ही थे। हत्या करने के बाद आरोपी शातिर तरीके से पीड़ित परिवार के साथ मिल गए।दिखावे के लिए आरोपी खुद भी हरजिंदर की तलाश करने का नाटक करते रहे ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। हालांकि, पुलिस को उनकी गतिविधियों पर शक था, जिसके बाद उन्हें टेक्निकल जांच और कड़ी चौकसी में रखा गया। स्कूटी में लगे जीपीएस ने हत्यारों तक पहुंचाया डीएसपी सिटी ने कहा कि घटना वाले दिन मृतक अपनी स्कूटी से किसी के घर से अपने घर के लिए निकला, उसकी स्कूटी में जीपीएस लगा हुआ था डेढ़ मिनट के भीतर ही वह उसे खेत में पहुंच गया यहां पर वारदात हुई थी उसके बाद उसका एप्स वहीं पर रुका रहा। गहन जांच में पता चला कि आरोपियों की मोबाइल लोकेशन भी उसके आसपास ही थे। पूछताछ में तीनों के बयान नहीं मिले, कड़ाई से पूछा तो जुर्म कबूला इसपर पुलिस उनको राडार पर लिया। पुलिस ने अलग अलग पूछताछ की तो तीनों आरोपियों के बयान आपस में नहीं मिले। इसके बाद गिरफ्तारी कर कड़ाई से पूछताछ की तो तीनों उन्होंने अपना जुर्म कबूल किया। इसके बाद आरोपियों ने हत्या कारण बताए।

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