भास्कर न्यूज | अमृतसर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) पंजाब की जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर को मुख्यमंत्री के नाम गैर-शैक्षणिक ड्यूटियों संबंधी मांग पत्र सौंपा। यह पत्र जिला प्रधान अश्वनी अवस्थी, जनरल सचिव गुरबिंदर सिंह खैहरा और वित्त सचिव हरजाप सिंह बल्ल की अगुवाई में सौंपा गया। जत्थेबंदी नेताओं ने शिक्षकों पर लगातार बढ़ रही गैर-शैक्षणिक ड्यूटियों पर एतराज जताते हुए कहा कि पहले ही प्री एसआईआर वोटर मैपिंग, ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण, चुनाव ड्यूटी बतौर बीएलओ सहित कई कार्यों में शिक्षक लगाए जा चुके हैं, जिससे स्कूलों का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। अब जनगणना और अन्य सर्वेक्षण ड्यूटियों से स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पसंदीदा कर्मचारियों को बिना ठोस कारण ड्यूटी से छूट दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने मांग की कि इस संबंध में उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल ने पति-पत्नी में से एक को छूट देने, स्कूल मुखियों को गणनाकार ड्यूटी से मुक्त रखने, एक ही स्कूल से अधिक शिक्षकों को ड्यूटी न लगाने तथा गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों को राहत देने की मांग रखी। डिप्टी कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि ड्यूटियों का रेशनेलाइजेशन किया जाएगा और उचित मामलों में मेरिट के आधार पर छूट दी जाएगी। इस मौके पर जर्मनजीत सिंह छज्जलवड्डी, गुरदेव सिंह, चरणजीत सिंह रजधान, कुलदीप सिंह वर्णाली और निर्मल सिंह उपस्थित थे।