‘पुलिस की 4 टीम लगातार पांचों अपराधियों की तलाश में जुटी थी। जिस तरीके से अपराधियों की तलाश की जा रही थी, आरोपी रामधनी को शंका हो गई थी कि पुलिस पकड़ेगी तो उसका एनकाउंटर हो जाएगा। देर रात करीब एक से डेढ़ बजे के करीब रामधनी यादव सुलतानगंज थाना में सरेंडर करने पहुंचा। पुलिस रामधनी यादव को लेकर ग्रामीण इलाके में जा रही थी, जहां से हथियार बरामद करना था। इसी दौरान उसके साले ने अपने गुर्गों के साथ रामधनी को छुड़ाने की कोशिश में फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने करीब 15 मिनट तक गोलियां चलाई। इस एनकाउंटर में रामधनी को ढेर कर दिया गया।’ सुलतानगंज नगर परिषद के एग्जिक्यूटिव अफसर कृष्ण भूषण कुमार की हत्या और चेयरमैन राजकुमार गुड्डू की हत्या की कोशिश के आरोपी रामधनी के एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मी ने दैनिक भास्कर को ये बातें बताई है। नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर पुलिसकर्मी ने बताया कि पहले रामधनी को हथियार डालकर सरेंडर करने को कहा गया, लेकिन वो नहीं माना। पुलिसकर्मी ने बताया कि रामधनी और उसके गुर्गों की ओर से लगातार की जा रही फायरिंग में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। जब रामधनी के पास कारतूस खत्म हो गया और वो भागने लगा तो पुलिस ने फायरिंग की। चार गोलियां रामधनी के पीठ में लगी, जो आर-पार हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई हुई? एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मी ने और क्या बताया? एनकाउंटर को लेकर भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार ने क्या-क्या कहा? रामधनी यादव के शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले रामधनी यादव के एनकाउंटर के बाद 3 तस्वीरें देखिए अब जानिए वारदात के बाद भागलपुर पुलिस ने सबसे पहले क्या किया? सुलतानगंज नगर परिषद के एग्जिक्यूटिव ऑफिसर कृष्ण भूषण कुमार की हत्या और चेयरमैन राजकुमार गुड्डू पर जानलेवा हमले की खबर के बाद भागलपुर पुलिस के आला अफसर घटनास्थल पर पहुंचे। एसएसपी प्रमोद कुमार ने घटना की जानकारी ली और तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर 4 टीमों का गठन किया। एसएसपी प्रमोद कुमार की ओर से गठित चारों टीम वारदात में शामिल सभी 5 आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। पुलिसकर्मी के मुताबिक, रात 9 बजे तक 10 किलोमीटर के रेडियस में 3000 सीसीटीवी कैमरे को खंगाली गई। पुलिस को घटनास्थल से जो सीसीटीवी मिला था, उसमें एक आरोपी की पहचान नगर परिषद के डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी के पति रामधनी यादव के रूप में की गई थी। उसकी लगातार तलाश की जा रही थी, उसके ठिकानों पर रेड की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था। देर रात करीब एक से डेढ़ बजे मुख्य आरोपी रामधनी यादव ने थाना में सरेंडर कर दिया। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस हथियार बरामदगी के लिए उसकी निशानदेही पर उसके घर से 100 मीटर पहले लेकर पहुंची। हथियार बरामदगी के दौरान रामधनी यादव और पहले से छिपे उसके गुर्गों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और रामधनी को ढ़ेर कर दिया। करीब 15 मिनट तक एनकाउंटर की कार्रवाई चली। अब जानिए रामधनी के एनकाउंटर को लेकर भागलपुर एसएसपी ने क्या बताया? एसएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि मंगलवार को सुलतानगंज में जो घटना हुई थी, उसके बाद मैं खुद अपने सीनियर अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा था। घटना की गंभीरता से लेते हुए मैंने 4 टीमों का गठन किया। चारों टीमें लगातार छापेमारी कर रही थी। मुख्य आरोपी रामधनी यादव को इसकी भनक लगी तो वो दबाव में थाना पहुंच गया। देर रात रामधनी यादव ऑटो में बैठकर सरेंडर करने के लिए थाना पहुंचा। पुलिस की टीम ने उसे पकड़ा और पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर हथियार बरामदगी के लिए ग्रामीण क्षेत्र में ले जाया गया था। इसी दौरान रामधनी यादव के गुर्गों को पता चला तो वे लोग रामधनी का पीछा करने लगे। अपराधियों ने रामधनी को छुड़ाने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में डीएसपी नवनीत, इंस्पेक्टर परमेश्वर और इंस्पेक्टर मृत्युंजय घायल हो गए। पुलिकर्मियों के घायल होने के बाद टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान रामधनी यादव घायल हो गया। रामधनी के साथ-साथ घायल तीनों पुलिसकर्मियों को मायागंज अस्पताल लाया गया। मख्य आरोपी रामधनी यादव का प्राथमिक इलाज शुरू किया गया। इसी दौरान अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने रामधनी यादव को मृत घोषित कर दिया। अब जानिए रामधनी यादव के पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट रामधनी यादव के पोस्टमॉर्टम में शामिल एक मेडिकल कर्मी ने नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर बताया कि रामधनी यादव की पीठ में चार गोलियों के निशान थे। चारों गोलियां रामधनी के पीठ को चिरती हुई सीने की ओर से निकल गईं थी। अब मंगलवार की शाम हुई वारदात के बाद 2 तस्वीर देखिए… चश्मदीद बोला- ऑफिस में घुसते ही फायरिंग की प्रत्यक्षदर्शी कृष्ण भूषण उर्फ रंजीत कुमार ने बताया, मंगलवार को करीब 4 बजे के आसपास नगर परिषद कार्यालय में चेयरमैन साहब और कार्यपालक पदाधिकारी (EO) बैठे हुए थे। कार्यालय में बाकी लोग भी मौजूद थे। स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी अंदर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 3 से 5 की संख्या में अपराधी बुलेट पर सवार होकर पहुंचे और सीधे कार्यालय के अंदर घुस आए। अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पहले 2 गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद लगातार 2 से 4 राउंड और फायरिंग की गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। हम सभी लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां देखा कि चेयरमैन साहब और EO साहब गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े थे। इसके बाद हम लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल उठाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस हमले में दोनों को गोली लगी है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी भाग निकले। तेजस्वी ने पूछा- अब बिहार किस श्रेणी में आता है तेजस्वी यादव ने X पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में “मारब सिक्सर की 𝟔 गोली छाती में”….गाकर भाजपाई गुंडों को खूब प्रोत्साहित किया था। अब तो उन अपराधियों का ही CM है। बीजेपी सरकार में हत्या होना अब मंगलराज की श्रेणी में आता है।’