पंजाब में आज 12 बजे पावर सप्लाई की मरम्मत-रिपेयरिंग ठप:वित्त मंत्री ने ठेका कर्मियों के साथ बैठक रद्द की, यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

पंजाब में आज दोपहर 12 बजे के बाद पावर सप्लाई लाइन में कोई फॉल्ट आता है तो उसे ठीक होने में घंटों लग जाएंगे। PSPCL में पावर कंप्लेंट सॉल्व करने वाला स्टाफ दोपहर 12 बजे से हड़ताल शुरू कर देगा। इस कारण सप्लाई सिस्टम में आए फॉल्ट को दूर करने में रेगुलर कर्मचारयों को काफी वक्त लग जाएगा। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने पावरकॉम (PSPCL) और ट्रांस्को ठेका कर्मचारी यूनियन के साथ आज होने वाली बैठक मुल्तवी कर दी है। बैठक रद्द होने से यूनियन में भारी रोष है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बलिहार सिंह ने 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से पूर्ण हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। लंबे पावरकट का सामना करना पड़ सकता है इससे पहले टेक्निकल स्टाफ पहले से ही “वर्क टू रूल” मोड में काम कर रहा है। ऐसे में बिजली लाइन में कोई फॉल्ट या खराबी आने पर मरम्मत में भारी देरी हो सकती है और उपभोक्ताओं को लंबे पावरकट का सामना करना पड़ सकता है। 16 दिन की हड़ताल के बाद दिया था मीटिंग का टाइम पावरकॉम एंड ट्रांस्को ठेका मुलाजिम यूनियन पंजाब के प्रदेश प्रधान बलिहार सिंह ने बताया कि यूनियन ने 16 दिनों तक लगातार हड़ताल की थी। उस समय सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था कि ठेका कर्मचारियों को विभाग में नियमित करने समेत उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसी सिलसिले में आज वित्त मंत्री के साथ बैठक तय थी, लेकिन आखिरी वक्त पर उसे रद्द कर दिया गया। बलिहार सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार बातचीत से मुकर रही है। यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मांगों का जल्द समाधान नहीं निकला तो संघर्ष तेज किया जाएगा। पावरकॉम में 5500 के करीब ठेका मुलाजिम यूनियन के प्रधान बलिहार सिंह ने बताया कि पावरकॉम (PSPCL) में करीब 5500 ठेका कर्मी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारयों के पास सबसे हाई रिस्क का काम है। बिजली सप्लाई लाइन की मेंटेनेंस, कंप्लेंट को सोल्व करना जैसे काम कर्मचारियों के पास हैं। कई ठेका कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार उनके लिए कुछ नहीं कर रही है। हड़ताल का पब्लिक पर सीधा असर ठेका मुलाजिमों की हड़ताल का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बिजली फॉल्ट आने पर बहाली में काफी देरी, खासकर ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक पावरकट, ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर कई दिनों तक बिजली गुल रहने की आशंका, गर्मी के बढ़ते मौसम में हालात और बिगड़ने की संभावना है। दरअसल टेक्निकल स्टाफ पहले से ही सीमित क्षमता में काम कर रहा है, इसलिए मरम्मत कार्यों में भारी देरी तय है। एक मई को हरपाल चीमा के घर का घेराव यूनियन ने 1 मई को संगरूर में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। बलिहार सिंह ने बताया कि एक मई को संगरूर में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के घर का घेराव करेंगे। इसके बाद बिजली मंत्री और मुख्यमंत्री के आवास का घेराव भी किया जाएगा। बलिहार सिंह ने कहा कि कर्मचारी अपने परिवारों और बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

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