फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ स्थित आरआईएमटी यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग के स्टूडेंट्स ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। सटूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी के बाहर इकट्ठा होकर मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि उन्हें इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) का अप्रूवल लेटर नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है। स्टूडेंट्स कहना है कि आईएनसी अप्रूवल न मिलने के कारण उनकी डिग्री वैध नहीं मानी जा रही है। इससे वे न तो सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर पा रहे हैं और न ही विदेश में काम करने के योग्य हैं। स्टूडेंट्स के पास केवल पंजाब नर्सिंग काउंसिल (पीएनसी) की मान्यता है, जो उन्हें केवल पंजाब में सीमित वेतन पर काम करने की अनुमति देती है। बीएससी नर्सिंग की छात्रा दिवनूर कौर ने बताया कि पिछले पांच महीनों से छात्र लगातार यूनिवर्सिटी प्रशासन से आईएनसी अप्रूवल लेटर की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार केवल आश्वासन और नई तारीखें दी जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस कोर्स में बिहार, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों से भी कई छात्र पढ़ रहे हैं, जिनके लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। कुल 111 छात्रों का करियर खतरे में है। एक अन्य छात्रा काव्या ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी की लापरवाही के कारण उनका एक साल बर्बाद हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें किसी दूसरे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना पड़ा, तो उन्हें फिर से पढ़ाई शुरू करनी होगी। काव्या ने मांग की कि यूनिवर्सिटी को उनकी एकेडमिक फीस, हॉस्टल फीस के साथ-साथ समय की बर्बादी का मुआवजा भी देना चाहिए। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आए छात्र मोहम्मद आलम ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि छात्र पिछले एक साल से आईएनसी अप्रूवल की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। आलम ने यह भी आरोप लगाया कि जब छात्रों ने पहले इस मुद्दे को उठाया था, तब उन पर लाठीचार्ज किया गया था। वहीं, इस पूरे मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन का अलग पक्ष सामने आया है। स्कूल ऑफ नर्सिंग की डीन हरप्रीत कौर ने फोन पर बातचीत में बताया कि यूनिवर्सिटी की हाल ही में हुई इंस्पेक्शन सफल रहा है और उसकी रिपोर्ट भी आ चुकी है। उन्होंने कहा कि “हमारी यूनिवर्सिटी मान्यता प्राप्त है और आईएनसी के तहत एडमिशन ले सकती है। 2026-27 सत्र की अप्रूवल मिल चुकी है, जबकि 2025-26 सत्र का लेटर भी जल्द मिल जाएगा।”
डीन ने यह भी कहा कि काउंसिल की ओर से आश्वासन दिया गया है कि बाकी अप्रूवल भी जारी कर दिए जाएंगे। “हम लगातार प्रयास कर रहे हैं और छात्रों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है कि आज ही यह मामला सुलझ जाएगा। फिलहाल, छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और यूनिवर्सिटी प्रशासन से जल्द से जल्द स्पष्ट और लिखित समाधान की मांग कर रहे हैं।