बरनाला में विजिलेंस ने रिश्वत लेते पटवारी को दबोचा:जमीन कर्ज मुक्त करने को मांगे 5 हजार; एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद एक्शन

बरनाला में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक पटवारी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी की पहचान हरमनजीत सिंह के रूप में हुई है, जो उप-तहसील धनौला के राजस्व हलका कट्टू (जिला बरनाला) में तैनात था। शिकायतकर्ता बशीर खान के अनुसार, उनके पिता दिलावर खान ने वर्ष 2014 में अपनी कृषि भूमि पर मालवा ग्रामीण बैंक (अब पंजाब ग्रामीण बैंक) से 2,70,000 रुपये का ऋण लिया था। लोन चुकाने के बाद बैंक ने जमीन को बैंक रिकॉर्ड से मुक्त (डी-फ्रीज) करने के लिए संबंधित पटवारी को लिखित रिपोर्ट भेजी थी। बशीर खान ने आरोप लगाया कि जब वह इस कार्य के लिए पटवारी हरमनजीत सिंह से तहसील कार्यालय धनौला में मिले, तो पटवारी ने जमीन को कर्ज मुक्त करने का प्रमाणपत्र दर्ज करने और उनके स्व. पिता की संपत्ति का विरासत इंतकाल (Mutation) दर्ज करने के बदले 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की। गूगल-पे के जरिए 4,000 रुपये भेजे विजिलेंस की जांच में सामने आया कि 16 जनवरी, 2026 को शिकायतकर्ता बशीर खान ने पटवारी के निर्देश पर उसके मोबाइल नंबर पर गूगल-पे के जरिए 4,000 रुपये भेज दिए। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई गहन पड़ताल और बैंक स्टेटमेंट की जांच में खुलासा हुआ कि रिश्वत की यह राशि पटवारी हरमनजीत सिंह की माता गुरमीत कौर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (शाखा बुढलाडा) के खाते में ट्रांसफर की गई थी। सबूतों और बैंक लेनदेन की पुष्टि के बाद कार्रवाई सबूतों और बैंक लेनदेन की पुष्टि के बाद पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया। विजिलेंस ब्यूरो पटियाला रेंज ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर गुरमेल सिंह की देखरेख में की गई और आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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