गुरुग्राम में पत्नी और 4 बच्चों की हत्या मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते सभी की हत्या की। पिता ने पहले पत्नी-बेटी का गला घोंटा, फिर मासूमों को जहर दे दिया। उसके बाद खुद भी चाकू से अपने दोनों हाथों की नसें काट ली। हालांकि, वो बच गया। आरोपी निजाम ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि वह पिछले काफी समय से आर्थिक दबाव में था। गुरुग्राम जैसे महंगे शहर में चार बच्चों और पत्नी के साथ गुजर-बसर करना उसके लिए चुनौती बन गया था। इसके लिए उसने कर्ज लिया और उस पर लगभग पांच लाख रुपए उधार हो चुका था। निजाम गढ़ी हरसरू में एक सैलून चलाता था, उसने हिंदू युवती का धर्म बदलवाकर निकाह किया था। इसके बाद दोनों में झगड़े होते रहे, फिर कर्ज और लड़ाई-झगड़े से वो परेशान रहने लगा। इसी हताशा में उसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। वहीं, पुलिस मामले में मैरिटल अफेयर एंगल भी खंगाल रही है। पहले जानिए क्या है पूरा मामला… अब पढ़ें, पुलिस जांच में क्या सामने आया… पहले बच्चों को फिर पत्नी को दिया जहर शुरुआती जांच के मुताबिक शनिवार को काम से लौटने के बाद पत्नी नजमा के साथ किसी बात को लेकर नाजिम का झगड़ा हो गया। इसके बाद उसने अपनी पत्नी नजमा (35) की गला दबाकर हत्या की। फिर बेटी इकरा (12), शिफा (8), बेटा आरम (8) और सबसे छोटी बेटी खतीजा (6) को जहर देकर मार दिया। तीन महीने पहले ही इस मकान में आया
उसके भाई ने बताया कि निजाम यूपी के मुरादाबाद से आकर पहले वजीरपुर में ही भूपेंद्र के मकान में परिवार के साथ रहता था, लेकिन फरवरी में वह रामनिवास के मकान में आ गए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि नाजिम का अक्सर पत्नी के साथ झगड़ा होता रहता था। नाजिम की ये दूसरी शादी थी। बड़ी बेटी पहली पत्नी और अन्य तीन बच्चे नजमा के थे। शादीशुदा हिंदू लड़की से निकाह किया नजमा ओडिशा की रहने वाली थी और यह निजाम के साथ उसकी दूसरी शादी थी। मुरादाबाद में पड़ोस में रहने के दौरान निजाम और नजमा की मुलाकात हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। ओडिशा की रहने वाली नजमा को जब उसका पहला पति छोड़कर चला गया, तो वह अपनी बड़ी बेटी के साथ अकेली पड़ गई थी। जिसके लिए धर्म बदला, उसी ने ली जान उस मुश्किल वक्त में निजाम ने उसे सहारा दिया, जिसके बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया।निजाम से निकाह करने के लिए नजमा ने अपना हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपना लिया था। लव मैरिज के बाद दोनों गुरुग्राम के वजीरपुर आकर बस गए। किसे पता था कि जिस शख्स के लिए नजमा ने अपना धर्म और पिछला जीवन छोड़ दिया, वही आर्थिक तंगी के चलते एक दिन उसका और उसके बच्चों का काल बन जाएगा। मैरिटल अफेयर के एंगल की भी जांच वजीरपुर हत्याकांड की जांच में पुलिस अब मैरिटल अफेयर के एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही है। हालांकि आरोपी निजाम ने शुरुआती पूछताछ में कर्ज और आर्थिक तंगी को हत्या की मुख्य वजह बताया है, लेकिन पुलिस को संदेह है कि घरेलू विवाद के पीछे किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी या शक की स्थिति भी हो सकती है। अब क्या पता लगा रही पुलिस… विसरा जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा पत्नी और बड़ी बेटी की हत्या के बाद अन्य तीन बच्चों की मृत्यु के मामले में पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद तीनों बच्चों के विसरा के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। पुलिस का मानना है कि विसरा रिपोर्ट से मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता चल सकेगा, जिससे मामले की चार्जशीट मजबूत होगी। कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस जांच अधिकारी नजमा और निजाम के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि क्या उनके बीच किसी तीसरे को लेकर कोई तनाव था। पुलिस का मानना है कि केवल 5 लाख के कर्ज के लिए पूरे परिवार को खत्म कर देना एक बड़ा कदम है, इसलिए आपसी रिश्तों में आए तनाव और विश्वास की कमी के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद अरेस्ट करेगी पुलिस
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया क आसपास के लोगों और मकान मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस इस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। आरोपी निजाम अभी अस्पताल में भर्ती है। उसके डिस्चार्ज होने के बाद अरेस्ट किया जाएगा।