मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जल्द CM हाउस में शिफ्ट होंगे। मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट होने से पहले इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। 5 देश रत्न मार्ग और एक अणे मार्ग को मिलाने की तैयारी है। यानी अब एक अणे मार्ग और 5 देश रत्न मार्ग दोनों मिलकर मुख्यमंत्री आवास कहलाएगा। नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड जाने के बाद भवन निर्माण विभाग ने ये फैसला लिया है। CM बनने के बाद से सम्राट लगातार जनता के बीच एक्टिव है। जैसे-जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनना या अफसरों के साथ बैठकें करना। मुख्यमंत्री को इन सभी एक्टिविटी के लिए अब पर्याप्त जगह दी जा रही है। एक अणे मार्ग में नीतीश कुमार 19 साल से ज्यादा वक्त तक रहे। सम्राट चौधरी डिप्टी CM बनने के बाद से 5 देश रत्न मार्ग वाले बंगले में रह रहे थे। जानिए 5 देश रत्न वाले बंगले की पूरी कहानी… 5 देशरत्न मार्ग डिप्टी CM आवास से मुख्यमंत्री परिसर तक 5 देशरत्न मार्ग वाले आवास में विशाल लॉन, आकर्षक गार्डन, आधुनिक बैठक कक्ष और बड़े मीटिंग हॉल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। जब तेजस्वी यादव पहली बार उपमुख्यमंत्री बने थे, तब इस आवास को विशेष रूप से उनके लिए तैयार किया गया था और इसकी खूब चर्चा हुई थी। बाद में सुशील कुमार मोदी ने भी इसी आवास में रहते हुए इसकी सुविधाओं को सार्वजनिक रूप से सामने लाया। इसके बाद तारकिशोर प्रसाद और फिर सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री रहते हुए इसी परिसर का उपयोग किया। सुरक्षा और प्रशासनिक मजबूती पर फोकस दोनों परिसरों के एक साथ करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा को और मजबूत करना है। बड़ा और संयुक्त परिसर होने से सुरक्षा एजेंसियों के लिए निगरानी और नियंत्रण अधिक प्रभावी होगा। साथ ही बड़े स्तर की बैठकों, सरकारी कार्यक्रमों और VIP मूवमेंट के लिए भी यह परिसर ज्यादा उपयुक्त साबित होगा। मुख्यमंत्री आवास पहले से भव्य और आधुनिक बनेगा इस फैसले को केवल आवास विस्तार के रूप में नहीं देखा जा रहा बल्कि यह प्रशासनिक प्राथमिकताओं और सत्ता के नए स्वरूप का संकेत भी माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला बड़ा ढांचागत बदलाव है, जो आने वाले समय में सरकार के कामकाज के तरीके और राजनीतिक संदेश दोनों को प्रभावित कर सकता है। यह निर्णय बिहार में सत्ता के केंद्र को और मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। तेजस्वी ने अपनी पसंद से कराया इंटीरियर 2015 में बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी तो तेजस्वी डिप्टी सीएम बने। लोक निर्माण विभाग भी तेजस्वी यादव के पास ही था। उन्होंने डिप्टी सीएम आवास के लिए 5 देशरत्न मार्ग स्थित बंगले को चुना था। साल 2017 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से मुंह फेर लिया और बिहार में एनडीए की नई सरकार बनी। डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सुशील कुमार मोदी को मिली। सुशील मोदी तेजस्वी से बंगला खाली कराने में लग गए, लेकिन तेजस्वी पसंदीदा बंगला छोड़ने को तैयार नहीं थे। बंगला को लेकर काफी पॉलिटिक्स हुई, फिर तेजस्वी को बंगला खाली करना पड़ा था। सुशील मोदी ने कहा था- इस बंगले के आगे पीएम आवास फेल काफी लड़ाई के बाद जब सुशील मोदी 5 देशरत्न मार्ग के सरकारी आवास में पहुंचे तो वहां का इंटीरियर देखकर दंग रह गए थे। तत्कालीन डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने तेजस्वी के कार्यकाल में बंगले पर शाही खर्च को मुद्दा बनाया था। उन्होंने प्रमाण के साथ यह सवाल किया था कि किस नियम के तहत बंगले में ब्रिज कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन की ओर से 59 लाख रुपए के फर्नीचर लगवाए गए थे। सुशील मोदी ने कहा था कि ऐसा बंगला तो पीएम और सीएम का नहीं है। बंगले के लिए लगाया था फंडिंग का आरोप सुशील मोदी ने 2017 में 5 देशरत्न मार्ग में शिफ्ट होने के बाद आरोप लगाया था कि बंगला के लिए फंडिंग भी हुई थी। उन्होंने कहा था कि बीसीडी की ओर से करोड़ों रुपए फंडिंग कर बंगला को रेनोवेट कराया गया। उन्होंने ये भी आरोप लगाया था कि तेजस्वी को 44 AC दिए गए, इसमें कुछ AC बाथरूम में भी लगाए गए। महंगे लेदर से बने 35 सोफा, 464 फैंसी एलईडी लाइट, 108 पंखे, बिलबोर्ड टेबल, दीवारों पर वुडेन पैनल, वुडेन फ्लोर और विदेश से मंगाया गया ग्रेनाइट भी बंगले में लगाया गया। कोर्ट के आदेश पर तेजस्वी ने खाली किया था बंगला सुशील कुमार मोदी ने तेजस्वी पर पहले भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, बाद में धन और पद के दुरुपयोग के मामले में भी बहुत घेरा था। उन्होंने यहां तक कहा था, तेजस्वी यादव ने अपने पद का दुरुपयोग और फिजूलखर्ची कर बंगले पर कब्जा नहीं जमाया होता तो सुप्रीम कोर्ट को उन पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर बंगला नहीं खाली कराना पड़ता। बता दें कि बंगले का विवाद इतना बढ़ गया था कि मामला कोर्ट में चला गया था। कोर्ट में जुर्माना लगाने के साथ ही तेजस्वी को बंगला खाली करना पड़ा था। सुशील मोदी ने कहा था, ये बंगला नहीं स्वर्ग है इस बंगले को सुशील मोदी ने स्वर्ग बताया था। उनके इस बयान के बाद बंगला दर्शनीय स्थल बन गया था। कई मंत्री और विधायक एक-एक कर इस बंगले को देखने आते थे। पहली रात बिताने के बाद सुशील मोदी ने कहा था कि रात में बंगले की सजावट तो अद्भुत दिखती है। लाइट की व्यवस्था इस तरह से की गई है कि हर कोना विदेश वाला लुक देता है। 5 सितारा होटल वाला फील सरकारी आवास में एक रात बिताने के बाद सुशील मोदी ने कहा था कि ‘ऐसा लगता है कि यह कोई पांच-सितारा होटल है। हर चीज स्पेशल है। आवास में कुछ भी सामान्य नहीं है। इस बंगले पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं।’ ऐसा लगता है कि बंगले की सजावट पर कम से कम 4-5 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। बिना किसी का नाम लेते हुए सुशील मोदी ने कहा था कि 44 AC वाले बंगले में रहकर गरीबों, दलितों-पिछड़ों और किसानों के बारे में सोचते होंगे या बंगले में ऐशो आराम के नए साधन जुटाने के बारे में सोचते होंगे। कई बार प्रधानमंत्री आवास जा चुके सुशील मोदी ने कहा था कि पीएम आवास तो इस बंगले की साज सज्जा के सामने बौना है और मुख्यमंत्री आवास तो काफी फीका दिखता है। सुशील मोदी ने तो यहां तक कह दिया था कि वह इस बंगले में नहीं रहेंगे, क्योंकि नींद उन्हें अभी भी उनके पैतृक घर में ही आती है। बंगले का एक संयोग ये भी जानिए डिप्टी सीएम का सरकारी आवास सम्राट से पहले किसी के लिए भी लकी साबित नहीं हुआ है। इस बंगले में जो भी गया है, वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है। इस बंगले के साथ कुछ ऐसा ही संयोग है। इस कारण जिसे यह बंगला मिलता है, वह चिंता में रहता है कि वह अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगा या नहीं। सुशील मोदी ही सबसे लंबे समय तक रहे 5 देशरत्न मार्ग पर स्थित डिप्टी सीएम आवास में सबसे अधिक समय तक रहने वाले उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ही रहे हैं। वह सबसे अधिक 3 साल से भी ज्यादा वक्त तक यहां रहे हैं।