मानहानि केस में BJP सांसद आज होंगी कोर्ट में पेश:चौधरी भजनलाल पर टिप्पणी करने का मामला, MLA चंद्रमोहन की याचिका पर सुनवाई

हरियाणा में भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर टिप्पणी करने के विवाद में आज उनकी कोर्ट में पेशी होगी। मानहानि केस में कोर्ट ने उन्हें 7 मई को कोर्ट में पेश होने का नोटिस दिया था। पंचकूला कोर्ट में कांग्रेस MLA चंद्रमोहन ने सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह के केस दायर किए हैं। उन्होंने रेखा शर्मा को माफी मांगने के लिए 7 दिन का समय दिया था, जो रविवार को पूरा हो गया।न
न्यायधीश अभिधा गुप्ता की कोर्ट ने गवाही और सबूत सुनने के बाद 20 मई को मामले की सुनवाई रखी है। इसी तरह, सिविल जज अरुणिमा चौहान की कोर्ट ने चंद्रमोहन द्वारा किए गए मानहानि के मुकदमे पर सुनवाई करते हुए सांसद रेखा शर्मा को 7 मई के लिए नोटिस भेजा है।
कांग्रेस MLA चंद्रमोहन ने सोमवार को कोर्ट में पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए थे। इसी मामले में आज BJP सांसद रेखा शर्मा की पेशी होनी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे खुद कोर्ट में आती हैं या फिर उनका वकील कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए आएंगें।
चंद्रमोहन ने लीगल नोटिस में कही ये बातें…. लोकतंत्र में झूठे आरोप लगाना गलत चंद्रमोहन ने लीगल नोटिस में कहा कि राजनीति में पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं, लेकिन लोकतंत्र में झूठे आरोप लगाना गलत है। उनके पिता भजनलाल हरियाणा के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और राज्य के निर्माण से लेकर उसके विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। पंचकूला को बसाने और विकसित करने का श्रेय भी भजनलाल को ही जाता है। भजनलाल अब इस दुनिया में नहीं हैं। चंद्रमोहन स्वयं पांच बार विधायक रह चुके हैं और उपमुख्यमंत्री पद भी संभाल चुके हैं। छवि को जानबूझकर धूमिल करने की कोशिश चंद्रमोहन ने आगे कहा कि वे पंचकूला और हरियाणा के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहे हैं। उन्होंने कभी भी किसी अन्य दल के नेता के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। इसके बावजूद सांसद रेखा ने चुनावी सभा में उनके परिवार की छवि को जानबूझकर धूमिल करने के लिए अभद्र टिप्पणी की, जो लोकतंत्र और सामाजिक मर्यादा के विरुद्ध है। बदमाशी से चुनाव जीता होता तो शिकायत होती चंद्रमोहन ने यह भी कहा कि यदि उन्होंने बदमाशी के दम पर चुनाव जीते होते तो जनता उन्हें पांच बार क्यों चुनती? अगर ऐसा होता तो इसकी शिकायत भी होती और कार्रवाई भी होती। उन्होंने 2000, 2005, 2019 और 2024 में चुनाव लड़ा, जिनमें से कई बार हरियाणा में कांग्रेस की सरकार भी नहीं थी। इसके बावजूद उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत या कार्रवाई नहीं हुई, जो इस बात का प्रमाण है कि सांसद रेखा का बयान केवल उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *