चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में वीरवार को चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यूटी में लागू किए गए तीनों नए आपराधिक कानूनों की स्थिति, पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर अपराधों से निपटने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी सिक्योरिटी एवं ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी हेडक्वाटर एवं क्राइम मनजीत श्योराण, एसपी साइबर एवं ऑपरेशंस गीतांजलि खंडेलवाल, डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन सूर्य चंदर कांत, मुख्य अभियंता सी.बी. ओझा, मुख्य वास्तुकार राजीव मेहता समेत प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नए कानूनों और पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा बैठक के दौरान यूटी चंडीगढ़ में लागू किए गए तीनों नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके अलावा नए पुलिस स्टेशनों के निर्माण और चल रही आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। गृह सचिव ने पुलिस विभाग में मानव संसाधन बढ़ाने और व्यवस्थाओं को और मजबूत करने को लेकर भी अधिकारियों से फीडबैक लिया। गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हत्या, एनडीपीएस और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में आरोपियों को ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया को अधिक पेशेवर, साक्ष्य आधारित और समयबद्ध बनाया जाए। इसके लिए आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया गया। जांच अधिकारियों को मिलेगी ट्रेनिंंग बैठक में जांच अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग देने पर भी जोर दिया गया। इसमें घटनास्थल की जांच, साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल सबूत जुटाने और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। गृह सचिव ने ई-साक्ष्य के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। साइबर अपराधों को लेकर बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए गृह सचिव ने शहर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही पुलिस को उभरते साइबर खतरों से निपटने के लिए संस्थागत क्षमता और विशेष कौशल को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। गृह सचिव ने निर्देश दिए कि ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम को यातायात के दबाव के अनुसार अधिक गतिशील बनाया जाए, ताकि ट्रैफिक जाम कम हो और लोगों को राहत मिल सके।उन्होंने ट्रैफिक पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बॉडी-वॉर्न कैमरों की भी समीक्षा की और कहा कि इनके प्रभावी उपयोग से पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर ट्रैफिक प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाए।