हरियाणा ATS स्ट्रक्चर पर फाइनेंस डिपार्टमेंट की आपत्ति:दूसरे राज्यों के खर्च का मांगा ब्योरा, DGP ने भेजा जवाब; 575 अफसर-कर्मचारियों का होगा स्टाफ

हरियाणा में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के गठन को लेकर गृह विभाग की ओर से तैयार किए प्रारूप पर वित्त विभाग ने आपत्ति लगा दी है। हालांकि सरकार की ओर से बजट में 35 करोड़ रुपए का प्रावधान करते हुए मानव संसाधन विभाग की ओर से 575 कर्मचारियों और अधिकारियों की भर्ती की हरी झंडी दी जा चुकी है, लेकिन वित्त विभाग ने अपनी आपत्ति में गृह विभाग से दूसरे राज्यों में एटीएस के पदों पर खर्च का ब्योरा मांग लिया है। फिलहाल वित्त विभाग द्वारा उठाई गई आपत्तियों का जवाब पुलिस महानिदेशक (DGP) हरियाणा ने भेज दिया है और अब मामले को दोबारा मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा जाएगा। वित्त विभाग को बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मॉडल स्ट्रक्चर भेजा है। 2025 में केंद्र ने ATS बनाने को कहा 26 दिसंबर 2025 को आयोजित एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी राज्यों में एटीएस के गठन की जरूरत पर जोर दिया था। दस्तावेजों में कहा गया है कि हरियाणा में पिछले दो वर्षों में आतंक से जुड़े 27 मामले दर्ज हुए हैं। विशेष एटीएस यूनिट और संसाधनों की कमी के कारण इनमें से 3 मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को ट्रांसफर करना पड़ा। यहां पढ़िए DGP ने क्या भेजा जवाब… 1. ATS स्ट्रक्चर में दूसरे राज्यों की दी जानकारी वित्त विभाग ने पड़ोसी राज्यों यूपी, गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र में एटीएस की स्वीकृत पद संख्या, कर्मचारियों की भूमिका, योग्यता और विशेष हथियारों पर खर्च का ब्यौरा मांगा था। इसके जवाब में हरियाणा पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश एटीएस में 654 पद स्वीकृत हैं, जबकि 721 पद स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम के हैं। यह भी बताया गया कि एटीएस में कांस्टेबल और 50 प्रतिशत सब-इंस्पेक्टर पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। कांस्टेबल के लिए न्यूनतम योग्यता 10+2 और सब-इंस्पेक्टर के लिए ग्रेजुएशन रखी गई है। 2. 30% रिस्क अलाउंस डीजीपी कार्यालय ने वित्त विभाग को यह भी बताया कि यूपी और महाराष्ट्र में एटीएस के कर्मचारियों को बेसिक पे का 30 प्रतिशत विशेष प्रोत्साहन (रिस्क अलाउंस) दिया जाता है। इसी तर्ज पर हरियाणा में भी एटीएस स्टाफ को विशेष भत्ता देने का प्रस्ताव रखा गया है। कहा गया है कि ए.टी.एस. गठन में देरी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल तैयारी पर गंभीर असर डाल सकती है। साथ ही यह केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस टू टेररिज्म नीति को भी प्रभावित करेगा। इसलिए प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया गया है। ATS का अलग से दफ्तर और ट्रेनिंग सेंटर सरकार की ओर से एटीएस को आवश्यक ऑफिस, रेजीडेंशियल, ट्रांसपोर्ट एवं अदर इन्फ्रास्ट्रक्चर दिया जाएगा। हाईटेक एटीएस ट्रेनिंग एरिया के लिए जमीन चिन्हित की जाएगी, जिसमें इनडोर-आउटडोर फायरिंग रेंज, स्ट्रेटजिक ड्राइविंग प्रेक्टिस, बाधाओं सहित आउटडोर ट्रेनिंग, रूम इन्टरफ्रेरेंस ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी। एटीएस हाईटेक मॉनिटरिंग टैक्नालॉजी, वेपन, बख्तरबंद वाहनों, कम्यूनिकेशन, कंप्यूटरिंगग एवं अन्य डिवाइस दी जाएगी। आईजीपी स्तर के अफसर करेंगे एटीएस को लीड एटीएस को लीड आईजीपी स्तर का आईपीएस अफसर करेगा। इसके बाद 4 आईपीएस रैंक के अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक (एस.पी.) की जिम्मेदारी दी जाएगी। 9 डिप्टी एसपी रखे जाएंगे। एक डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, दो असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, असिस्टेंट डायरेक्टर (बेलेस्टिक), दो सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर रखे जाएंगे। इसके अलावा दो पोस्टें सीनियर साइंटिफिक असिस्टेंट की रखी गई हैं। साइंटिफिक असिस्टेंट (एक्सप्लोसिव) की एक पोस्ट, लैब असिस्टेंट (एक्सप्लोसिव) की पोस्ट एटीएस में आवंटित की गई है। वहीं एक दर्जन से अन्य स्टाफ के पद स्वीकृत किए गए हैं।

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