भागलपुर गोलीकांड- सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन की मौत:11 दिनों तक मेदांता हॉस्पिटल में चला इलाज; पटना से बॉडी लेकर सुल्तानगंज पहुंचे परिजन

भागलपुर की सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई है। वो पटना के मेदांता अस्पताल में 11 दिनों से भर्ती थे। राज कुमार गुड्डू को सीने और सिर में गोली लगी थी। परिजन पटना से बॉडी लेकर भागलपुर के सुल्तानगंज पहुंच गए हैं। कल यानी रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। राज कुमार गुड्डू के शव को पटना पुलिस एस्कॉर्ट कर के जिले की बॉर्डर तक ले गई। वहां से बॉडी भागलपुर पुलिस को हैंडओवर किया गया। पैतृक आवास तक शव को एस्कॉर्ट किया गया। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजकुमार गुड्डू की मौत पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि, भागलपुर गोलीकांड में शामिल दोषियों को स्पीडी ट्रायल के माध्यम से जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने का निर्देश दिया गया है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। दरअसल, 28 अप्रैल को भागलपुर की सुल्तानगंज नगर परिषद ऑफिस में अपराधियों ने घुसकर गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में चेयरमैन राज कुमार गुड्डू को 2 गोलियां लगी थीं, जबकि एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की मौत हो गई थी। हत्या के अगले दिन यानी 29 अप्रैल को पुलिस ने हत्याकांड के मास्टरमाइंड डिप्टी चेयरमैन के पति रामधनी यादव को गिरफ्तार किया था। पुलिस उससे हथियार रिकवर लगने जा रही थी, तभी उसने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में रामधनी को पेट में गोली लगी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… 28 अप्रैल को ऑफिस में घुसकर बरसाई थीं गोलियां 28 अप्रैल को शाम 4 बजे भागलपुर की सुल्तानगंज नगर परिषद में हथियार के साथ 3 लोग दाखिल हुए। उस वक्त एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण और चेयरमैन राजकुमार गुड्डू मीटिंग कर रहे थे। अपराधियों ने घुसते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों के निशाने पर राजकुमार गुड्डू थे। इस दौरान बीच बचाव करने आए एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या की तस्वीरें CCTV में कैद हुई थी मजदूर बनकर अपराधियों ने अंदर एंट्री ली घटना का CCTV भी सामने आया। इसमें तीन लोग चैयरमेन के चैंबर में घुसते दिख रहे हैं। सभी के हाथ में झोला दिखाई दे दिया। थोड़ी देर में सभी पिस्टल निकाल लेते हैं। पिस्टल देखते ही चैंबर में मौजूद लोग बाहर भागने लगते हैं। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण कुमार अपराधियों से भीड़ जाते हैं। उनकी पिस्टल छीनने की कोशिश करने लगते हैं। इसी दौरान 2 और अपराधी उनकी ओर बढ़ते हैं फिर खींचकर उन्हें चैंबर के बाहर ले जाते हैं। यहां उन्हें गोली मार देते हैं। बताया जा रहा है कि अपराधी 5 की संख्या में थे। इनमें से 3 चैंबर के अंदर दाखिल हुए थे। एक हाफ पैंट पहनकर अंदर घुसा था। बाकी 2 ने मजदूरों की तरह अपने चेहरे को गमछे से ढंका था। अपराधियों की हुलिया देखकर ही शायद गार्ड समझ नहीं पाया कि वो क्या करने जा रहे हैं। अब वारदात के बाद 2 तस्वीर देखिए… अब जानिए इस हत्याकांड को किसने अंजाम दिया और क्यों सीसीटीवी से पुलिस ने मुख्य आरोपी डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी के पति रामधनी पहचान की। डिप्टी चेयरमैन का पति रामधनी यादव टेंडर चाहता था। जिसका चेयरमैन राजकुमार गुड्डू ने विरोध किया था। इसके बाद उसने उन्हें हटाने की प्लानिंग शुरू की और चैंबर के अंदर घुसकर गोली मार दी। बताया जा रहा है कि अपराधी चेयरमैन की हत्या करने पहुंचे थे, लेकिन एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने विरोध किया तो ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दोनों को सिर में गोली मारकर अपराधी भाग निकले। रामधनी यादव और राजकुमार गुड्डू के बीच थी पुरानी अदावत फायरिंग करने वाला रामधनी यादव चूंकि नगर परिषद के उपसभापति नीलम देवी का पति था और नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू से उसकी पुरानी अदावत थी। रामधनी यादव का नगर परिषद ऑफिस आना जाना था, इसलिए वो एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार से भी परिचित था। जब रामधनी फायरिंग कर रहा था, तब कृष्णा भूषण गुड्डू बीच बचाव में आए थे। 100 करोड़ की जमीन के लिए हत्या स्थानीय लोगों से कृष्णा भूषण कुमार की हत्या और नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग के कारणों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि पुरानी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया है। फायरिंग करने वाला रामधनी यादव पर अजगैबीनाथ ट्रस्ट की करीब 100 करोड़ रुपए की 50 एकड़ जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जा का विरोध नगर परिषद के सभापति कर रहे थे। इसको लेकर राजकुमार गुड्डू और रामधनी यादव के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद से सभापति और आरोपी के जुड़े होने की वजह से दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई भी थी। 2020 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा था सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू ने साल 2020 में पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुल्तानगंज ‎विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। साल 2022 में राजकुमार गुड्डू ने नगर परिषद के चुनाव ‎में बतौर चेयरमैन का चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। चुनाव जीतकर चेयरमैन बनने को 2 महीने बाद ही डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी के पति रामधनी यादव पर हुई जानलेवा फायरिंग में राजकुमार गुड्डू का नाम आया था। मर्डर की कोशिश में नाम आने पर पुलिस राजकुमार गुड्डू को थाना ले गई थी और पूछताछ की थी। हालांकि, बाद में इन्हें छोड़ दिया गया था। राजकुमार गुड्डू मूल रूप से मुंगेर के सजुआ गांव के रहने वाले थे। उनके पिता बच्चू साह 5 दशक पहले सुल्तानगंज आए थे। बच्चू साह किराए के मकान में मिठाई की दुकान खोली थी।‎ अब जानिए रामधनी के एनकाउंटर की कहानी सरेंडर के बाद की फायरिंग पुलिस ने अपराधी की पहचान कर ली थी। अपराधी को भी इसकी भनक लग गई थी कि पुलिस उसे पहचान गई है। खुद को बचाने के लिए अपराधी रामधनी यादव शाम करीब 8 बजे ऑटो से पुलिस स्टेशन पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। जिस हथियार से मर्डर किया गया था, पुलिस उसे बरामद करना चाहती थी। लेकिन रामधनी बार-बार पुलिस सवालों को घुमा रहा था। सख्ती बरतने पर रामधनी ने बताया कि, हथियार को सुनसान इलाके में फेंक दिया है। पुलिस हर हाल में हथियार बरामद करना चाहती थी। लिहाजा हत्या के अगले दिन यानी 29 अप्रैल को रामधनी को साथ लेकर वो वहां पहुंची जहां रामधनी ने हथियार छिपा रखा था। पुलिस रामधनी को लेकर आगे बढ़ रही थी, पीछे-पीछे रामधनी के गुर्गे भी आ रहे थे। पुलिस पर की ताबड़तोड़ फायरिंग रामधनी को यह भनक लग गई कि अगर हथियार बरामद हो जाता है तो वो बुरी तरफ फंस जाएगा। जैसे ही रामधनी सुनसान इलाके में पहुंचता है वो अपने गुर्गों को फायरिंग करने के लिए कहता है। गुर्गे पुलिस पर फायरिंग शुरू कर देते हैं। इतने में रामधनी भी छिपाई जगह से पिस्टल निकाल लेता है और फायरिग शुरू कर देता है। गोलीबारी में डीएसपी नवनीत कुमार सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो जाते हैं। पुलिस भी बचाव में फायरिंग शुरू कर देती है। गोली रामधनी के सीने में लगती है वो वहीं जमीन पर गिर जाता है। पुलिस रामधनी के दो गुर्गों दीपक और उसके साले को मौके से अरेस्ट करती है। रामधनी को घायल हालत में मायागंज अस्पताल लाया जाता है, लेकिन डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं। ———– इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सिर काटकर थाने पहुंच गया था रामधनी यादव:डिप्टी चेयरमैन से पहले पत्नी रसोईया थी; BJP के बड़े नेताओं का करीबी बना, बेटा चिराग की पार्टी में भागलपुर के सुलतानगंज नगर परिषद में एग्जिक्यूटिव की हत्या और चेयरमैन पर फायरिंग के आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। रामधनी यादव के सीने में गोली लगी, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया। रामधनी यादव सुलतानगंज नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी का पति था। पूरी खबर पढ़ें।

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