पानीपत की एडिशनल सेशन जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अम्बरदीप सिंह की कोर्ट ने गैंगरेप के एक मामले में फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस केस की सबसे बड़ी खास बात यह रही कि केस के दौरान पीड़िता अपने बयानों से मुकर गई थी, लेकिन वारदात के समय दरिंदों द्वारा बनाई गई वीडियो ही उनकी सजा का सबसे पुख्ता आधार बनी। कोर्ट ने दोषियों पर 36 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दोषियों को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जानिए पूरा मामला… यह मामला 24 अप्रैल 2024 का है, जब अंबाला कैंट निवासी एक महिला अपने पति के साथ जीटी रोड पर खड़ी थी। तभी एक टेम्पू में सवार दो युवक, सुमित और रोहित वहां आए। उन्होंने पति-पत्नी को छोड़ने के बहाने टेम्पू में बिठाने का प्रयास किया। विरोध करने पर पति के साथ मारपीट कर महिला को जबरन अगवा कर लिया। आरोपी महिला को मच्छरोली गांव के खेतों में बने एक कमरे में ले गए, जहां दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। रेप किया, वीडियो भी बनाई दुष्कर्म के दौरान आरोपियों ने अपने मोबाइल से महिला की 5 वीडियो भी बनाई थीं। वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमित और रोहित को गिरफ्तार किया और उनके पास से मोबाइल बरामद किया। साइबर लैब में जांच के दौरान मोबाइल से गैंगरेप की वो पांचों वीडियो बरामद हो गईं, जो बाद में कोर्ट में सबसे बड़ा सबूत साबित हुईं। पीड़िता के मुकरने पर भी मिली सजा ट्रायल के दौरान पीड़िता ने आरोपियों की पहचान करने से इनकार कर दिया और अपने बयानों से मुकर गई। अक्सर ऐसे मामलों में आरोपी बच निकलते हैं, लेकिन पानीपत पुलिस ने ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए। मोबाइल से मिली वीडियो और FSL मधुबन से प्राप्त DNA रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अपराध इन्हीं दोनों ने किया था। न्यायाधीश अम्बरदीप सिंह ने माना कि वीडियो और वैज्ञानिक सबूत इतने पुख्ता हैं कि पीड़िता के मुकरने से केस की गंभीरता कम नहीं होती।