बिहार के 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने केंद्र की तर्ज पर कर्मचारियों के वेतन में 540 रुपए से लेकर 4500 रुपए तक की बढ़ोतरी करने की पूरी तैयारी कर ली है। वित्त विभाग ने डीए को 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे अंतिम मुहर के लिए कैबिनेट में भेज दिया गया है। वहां से पास होते ही यह फैसला 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। फैसले का असर जून में देखने को मिलेगा। कर्मचारियों को जून में जब मई महीने का वेतन मिलेगा, तो उसमें पिछले चार महीनों का बकाया एरियर जोड़कर मिलेगा। डीए में बढ़ोतरी का सीधा फायदा सातवें वेतनमान के दायरे में आने वाले बोर्ड, निगम, आयोग, प्राधिकारों, नगर निकायों और जिला परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा, राज्य के 3.5 लाख पेंशनरों को भी राहत दी गई है। हालांकि, संविदा और अस्थायी कर्मचारी बढ़ोतरी के दायरे से बाहर रहेंगे। वेतन वृद्धि का गणित… न्यूनतम 540 और अधिकतम 4500 रुपए तक का फायदा आगे क्या : कैबिनेट की मुहर का इंतजार कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर लगते ही वित्त विभाग आदेश जारी कर देगा। आदेश जारी होने के बाद, कर्मचारियों को जून में मिलने वाली सैलरी स्लिप में बढ़ा हुआ डीए और एरियर का स्पष्ट ब्योरा दिखेगा। खजाने पर बोझ बढ़ेगा पर दूरगामी फायदे भी डीए का सीधा गणित बाजार से जुड़ा है। सरकार के इस 2% बढ़ोतरी वाले फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना 1000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ तो पड़ेगा, लेकिन इसके दूरगामी फायदे हैं। जून में जब 12.5 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों के हाथ में एरियर के साथ एकमुश्त नकद रकम पहुंचेगी, तो बाजार में भी खरीदारी तेज होगी। यह नकदी स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर गति देगी।