यूपी के 38 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट:प्रदेश में बांदा 43.6°C के साथ सबसे गर्म, पश्चिम के 10 जिलों में कल हुई थी बारिश

यूपी के मौसम दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां मंगलवार को पश्चिमी यूपी के 10 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। वहीं बुंदेलखंड के इलाकों में सूरज के तेवर बरकरार हैं। पिछले 24 घंटे में बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। जहां 43.6°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। बरेली और रामपुर में 50 की रफ्तार से आंधी चली। इससे सड़क किनारे लगे यूनीपोल उखड़ गए। कई जगहों पर चलती गाड़ियों पर पेड़ की टहनियां टूटकर गिर गईं। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी। बाद में क्रेन की मदद से पोल और पेड़ों को सड़क से हटाया गया। पूर्वी यूपी में मौसम साफ रहा। मौसम विभाग ने बुधवार को पश्चिमी और पूर्वी यूपी के 38 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है। 60 किमी/घंटे की स्पीड से हवाएं चलेंगी। कुछ इलाकों में ओले और बिजली भी गिर सकती है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- यूपी में आज और कल मौसम बदला रहेगा। तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। हवा की रफ्तार 50 किमी. प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश से तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी। 14 मई से गर्मी अपने तेवर दिखाएगी। तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। पारा 45 डिग्री के पार जाएगा। कल की मौसम की तस्वीरें- अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों हो रहा?
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश हो रही है। किसी-किसी दिन धूप के साथ मौसम साफ हो जा रहा है। अगले कुछ दिन ऐसे ही उतार-चढ़ाव के आसार हैं। इसका असर यूपी में दिख रहा है। पहाड़ों से आने वाली हवाएं मौसम को ठंडा बनाए हैं। बारिश के अनुकूल सिस्टम तैयार कर रही हैं। इस साल मानसून में कम बारिश का अनुमान
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, मानसून में बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है। जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिमी. है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90% से 95% के बीच रहेगी। एजेंसी ने 94% बारिश का अनुमान दिया है। जून में सामान्य बारिश होगी, लेकिन जुलाई से गिरावट शुरू होकर अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ेगा। खासकर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी ज्यादा रहने के संकेत हैं। गर्मी से कैसे बचें, ग्राफिक से समझिए यूपी में भी मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए

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