पंजाब में पहली बार भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में सीबीआई ने विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय में दबिश दी। 20 लाख रुपये की रिश्वत से जुड़े मामले में अब तक 3 लोगों को करीब 35 किलोमीटर पीछा कर हरियाणा बार्डर पर अंबाला के पास से अरेस्ट किया जा चुका है। वहीं, आरोपियों के ठिकानों से 9 लाख रुपये कैश बरामद किए गए हैं, लेकिन जिस बड़े साहब के नाम पर यह पूरी डील चल रही थी, वह आखिर कोई नेता था या कोई अफसर, यह अब भी पहेली बना हुआ है। इनकी वॉट्सएप चैट भी सामने आई है। इसी की पड़ताल के लिए सीबीआई ने दो आरोपियों राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल का 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। कोर्ट में पेशी के दौरान दोनों आरोपी जज के सामने रोने लगे और माफी मांगने लगे। दूसरी तरफ सीबीआई ने चंडीगढ़ अदालत से देर शाम पंजाब विजिलेंस चीफ शरद सत्य चौहान के रीडर ओपी राणा के गैर-जमानती वारंट भी जारी करवा लिए, ताकि उसे काबू किया जा सके। अदालत में इस तरह रिमांड लिया गया… बीजेपी के नेताओं का भी करीबी बताया जा रहा आरोपी सीबीआई द्वारा 13 लाख रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किए गए कथित मिडिलमैन राघव गोयल की BJP नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं। प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भी उसे निमंत्रण भेजा गया था। भ्रष्टाचार रोकने वाला पंजाब का विजिलेंस विभाग खुद भ्रष्ट अधिकारियों के आरोपों से घिरा हुआ है। वहीं, केंद्र सरकार के मंत्रियों और टॉप लेवल तक दलालों की पहुंच भी अब बड़ा सवाल बनती जा रही है। एके-47 से लैस 2 गनमैनों के साथ घूमते थे राघव और विकास राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल को लेकर सीबीआई द्वारा जारी किए बयान में कहा है कि दोनों आरोपी अपने साथ पंजाब पुलिस के एके-47 से लैस दो सरकारी गनमैन लेकर घूमते थे। सीबीआई के अनुसार, यह भी जांच का विषय है कि निजी व्यक्तियों को सरकारी तौर पर पंजाब पुलिस के हथियारबंद गनमैन किस आधार पर उपलब्ध करवाए गए थे और इस पूरे मामले में उनकी क्या भूमिका रही? एजेंसी ने कहा कि गनमैनों की तैनाती और उनकी गतिविधियों की जांच की जा रही है। अब पूरी कहानी को क्रमवार समझिए एक स्टेट टैक्स अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ यह मामला सीबीआई ने पंजाब के एक स्टेट टैक्स अधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया। अधिकारी का आरोप था कि आरोपी विकास उर्फ विक्की गोयल और उसके बेटे राघव गोयल ने डीजी विजिलेंस, पंजाब के कार्यालय में उसके खिलाफ लंबित शिकायत को बंद करवाने के बदले 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दोनों आरोपी डीजीपी विजिलेंस पंजाब के रीडर समेत वरिष्ठ विजिलेंस अधिकारियों के लिए बिचौलिए के तौर पर काम कर रहे थे। दोनों दावा करते थे कि उनके ऊंचे स्तर तक अच्छे संबंध हैं। डीजी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा ने कथित तौर पर रिश्वत मिलने के बाद शिकायत बंद करवाने का भरोसा दिया था। बातचीत शुरू होने पर आरोपियों ने कहा कि 20 लाख रुपये में शिकायत का निपटारा कर दिया जाएगा। बाद में यह सौदा 13 लाख रुपये में तय हुआ। इसी दौरान डीजी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा के लिए एक सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 7 मोबाइल फोन देने की बात भी तय हुई। पकड़ने गए तो रीडर ओपी राणा फरार हुआ इसके बाद 11 मई को सीबीआई ने चंडीगढ़ में जाल बिछाकर कार्रवाई की। एक होटल में कमरा बुक करवाया गया, जहां बिचौलिए और अन्य लोग मिले। इसी दौरान सीबीआई टीम ने दबिश दी और आरोपी अंकित वाधवा को शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपये नकद और मोबाइल फोन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, आरोपी राघव गोयल, विकास उर्फ विक्की गोयल और सरकारी कर्मचारी ओपी राणा को इसकी भनक लग गई। उनके साथ मौजूद गनमैनों ने उन्हें इशारा किया, जिसके बाद वे भागने लगे। हालांकि सीबीआई भी सक्रिय थी और उसने चंडीगढ़ से अंबाला तक करीब 35 किलोमीटर पीछा किया। इस दौरान राघव गोयल, विकास गोयल और इनके ड्राइवर को हरियाणा सीमा के पास पकड़ लिया गया, जबकि ओपी राणा फरार होने में सफल रहा। सीबीआई टीम ने दूसरे दिन भी रेड मारी इसके बाद सीबीआई ने पूरा मामला अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया और टीम मोहाली स्थित विजिलेंस मुख्यालय पहुंच गई। देर रात तक जांच चलती रही। इस दौरान कुछ कमरों पर ताले लगा दिए गए। मामला गोपनीय रखा गया था। इसके बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं और विजिलेंस भवन के चारों ओर पुलिस तैनात कर दी गई। रात करीब दो बजे टीमें वहां से निकलीं, जबकि इसी दौरान मलोट में भी सीबीआई की कार्रवाई जारी रही। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे सीबीआई की टीमें दोबारा विजिलेंस कार्यालय पहुंचीं और पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर में छानबीन शुरू की। शुरुआत में कर्मचारियों को बाहर रोका गया, लेकिन बाद में उन्हें अंदर जाने दिया गया। करीब 10 बजे विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान अपने कार्यालय पहुंचे और बिना कुछ कहे अंदर चले गए। इसी दौरान सेक्टर-23 और एक अन्य स्थान पर भी सीबीआई ने दबिश दी, जहां से 9 लाख रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी ओपी राणा और निजी आरोपियों के बीच विजिलेंस के लंबित मामलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा की जा रही थी। मामले में बड़े स्तर पर साजिश, अवैध रिश्वतखोरी के नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर CBI रेड:3 गिरफ्तार, 9 लाख कैश मिला; चंडीगढ़ के फाइव स्टार होटल में ₹20 लाख की डील पकड़ी पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की टीम ने रेड की। सोमवार देर रात छापा मारने के बाद टीम मंगलवार सुबह दोबारा पंजाब विजिलेंस चीफ के दफ्तर पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम एक रिश्वत केस में जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…