यमुनानगर में करियर डिफेंस स्कूल प्रबंधन पर FIR:हॉस्टल के रूम में CCTV, मेस में एक्सपायर्ड दूध, परिसर में अवैध मेडिकल क्लिनिक मिला

यमुनानगर के जगाधरी स्थित करियर डिफेंस स्कूल में जिला प्रशासन की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग और हेल्थ विभाग की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में हॉस्टल कमरों में CCTV कैमरे लगे मिले, मेस में एक्सपायर्ड दूध के पैकेट बरामद हुए और छात्रों के रहने की व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल परिसर में बिना अनुमति NDA, IIT और सैनिक स्कूल की रेजिडेंशियल कोचिंग चलाई जा रही थी और छात्रों से इसके लिए मोटी फीस वसूली जा रही थी। इतना ही नहीं, स्कूल परिसर में बिना लाइसेंस मेडिकल क्लिनिक भी चलता मिला, जहां एलोपैथिक दवाइयां, IV फ्लूड और इस्तेमाल की गई सिरिंज बरामद हुईं। जांच टीम के अनुसार वहां मौजूद लोग कोई वैध मेडिकल लाइसेंस या रिकॉर्ड पेश नहीं कर सके। मामले को गंभीर मानते हुए थाना शहर जगाधरी पुलिस ने स्कूल प्रबंधन समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। छात्रों और अभिभावकों ने की थी शिकायतें जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर उन्होंने अशोक कुमार, डीईईओ यमुनानगर के साथ बिलासपुर रोड जगाधरी स्थित करियर डिफेंस स्कूल का दौरा किया। स्कूल परिसर में पहले से मौजूद कई छात्रों और अभिभावकों ने लिखित शिकायतें दीं। शिकायतों में स्कूल द्वारा भारी फीस वसूलने, पीने के पानी की खराब व्यवस्था, खाने की खराब गुणवत्ता, मेडिकल सुविधा के अभाव, गंदगी, स्कूल स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार और शिकायत करने पर छात्रों को धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। शिकायत मिलने के बाद डिप्टी सिविल सर्जन (PNDT) डॉ. विपिन गोंडवाल और डीसीओ बिंदु धीमान टीम के साथ स्कूल पहुंचे। बगैर अनुमति चल रही थी रेजिडेंशियल कोचिंग शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल को 1 जुलाई 2025 को हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से पहली से 12वीं तक की कक्षाएं चलाने की मान्यता दी गई थी। जांच के दौरान टीम ने पाया कि स्कूल संचालक विनय राय, परवीन विज और प्रबंधन अवैध रूप से एनडीए, आईआईटी और सैनिक स्कूल की रेजिडेंशियल कोचिंग चला रहे थे। स्कूल परिसर में ऐसी रेजिडेंशियल कोचिंग चलाने की कोई अनुमति नहीं है, फिर भी छात्रों से मोटी फीस वसूली जा रही थी। यह भी सामने आया कि छात्रों को हॉस्टल में रखने के नाम पर अवैध तरीके से कोचिंग और अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। हास्टल के कमरों में CCTV और मेस में मिला एक्सपायर्ड दूध निरीक्षण के दौरान टीम ने हॉस्टल कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगे पाए। टीम के अनुसार यह नाबालिग छात्रों की प्राइवेसी का सीधा उल्लंघन है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी शिक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान हॉस्टल में लगे सीसीटीवी हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उन्हें नहीं हटाया। इन कैमरों की लाइव फीड मोहाली स्थित स्कूल मुख्यालय भेजी जा रही थी। टीम ने स्कूल के मेस और हॉस्टल की भी जांच की। वहां एक्सपायर्ड दूध के पैकेट मिले और खाने-पीने की व्यवस्था बेहद खराब हालत में पाई गई। टीम ने बताया कि हॉस्टल में साफ-सफाई नहीं थी और छात्रों को न्यूनतम सुविधाएं भी सही ढंग से उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। खराब भोजन, गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही को लेकर भी छात्रों और अभिभावकों ने गंभीर शिकायतें दीं। परिसर में अवैध रूप से चल रहा मेडिकल क्लिनिक जांच के दौरान सबसे बड़ा खुलासा स्कूल परिसर में अवैध मेडिकल क्लिनिक चलने का हुआ। डॉ. विपिन गोंडवाल और डीसीओ बिंदु धीमान ने स्कूल परिसर में चल रहे क्लिनिक का निरीक्षण किया। वहां राजेश सैनी, मंजुला सैनी और साक्षी राणा बच्चों को एलोपैथिक दवाइयां देते और आईवी फ्लूड चढ़ाते मिले। आरोप है कि ये लोग बिना किसी वैध लाइसेंस और अनुमति के मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे थे। मौके पर तीन बेड, इंजेक्शन, इस्तेमाल की गई सिरिंज, आईवी दवाइयां और एलोपैथिक दवाओं का स्टॉक मिला। दवाइयां हॉस्टल के अंदर स्टील अलमारी और बैग में रखी गई थीं। पूछताछ में राजेश सैनी, मंजुला सैनी और साक्षी राणा ने खुद को स्कूल का मेडिकल स्टाफ बताया। वहीं पंकज यादव ने खुद को स्कूल का एमडी बताया। टीम ने जब मेडिकल लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, डिस्पेंसिंग रजिस्टर और मरीजों के रिकॉर्ड मांगे तो आरोपी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। डीसीओ बिंदु धीमान ने मौके से नौ प्रकार की दवाओं के सैंपल जब्त किए। साथ ही डस्टबिन में पड़ी इस्तेमाल की गई दवा की शीशियां और मेडिकल सामान भी कब्जे में लिया गया। पहले भी मिलती रही हैं शिकायतें, नहीं हुआ समाधान शिकायत में यह भी बताया गया कि स्कूल के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी थीं। शिक्षा विभाग की टीमें 12 सितंबर 2025 और 18 जनवरी 2026 को भी निरीक्षण कर चुकी थीं। तब भी स्कूल प्रबंधन को कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आरोप है कि प्रबंधन ने कोई सुधार नहीं किया। बार-बार चेतावनी के बावजूद अवैध कोचिंग, हॉस्टल की अव्यवस्था, सीसीटीवी और मेडिकल सुविधाओं में अनियमितताएं जारी रहीं। पुलिस को दी गई शिकायत स्कूल संचालक विनय राय, पंकज यादव (एमडी), परवीन विज, राजेश सैनी, मंजुला और साक्षी राणा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।

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