पंजाब और चंडीगढ़ में आज भीषण गर्मी का अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 24 मई तक लू यानी हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। आज यानी 18 मई को पंजाब के 10 जिलों में हीटवेव चलेगी। हीट वेव की मुख्य वजह पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से चलने वाली बेहद गर्म और सूखी हवाएं हैं। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान और पाकिस्तान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली इन गर्म हवाओं का असर पंजाब के मालवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। सोमवार को टेंपरेचर में 2.3 डिग्री सेल्सियस की बढोतरी हुई और यह नॉर्मल से 3.1 डिग्री ज्यादा हो गया। सोमवार को सबसे गर्म जिला बठिंडा रहा, जहां मैक्सिमम टेंपरेचर 47 डिग्री तक पहुंच गया है। गर्मी बढ़ने के 3 बड़े असर चंडीगढ़ में स्कूलों के लिए हीट एडवाइजरी जारी
चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लिए हीट सेफ्टी एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने कहा है कि स्कूल समय के दौरान बच्चों, खासकर प्री-प्राइमरी और प्राइमरी क्लास के बच्चों को तेज धूप से बचाया जाए। स्कूलों को खेलकूद और आधी छुट्टी जैसी बाहरी गतिविधियां दिन के ठंडे समय या छायादार जगहों पर कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूल परिसर में साफ और पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वाटर कूलर का सही रखरखाव करने और बच्चों को पूरे समय हाइड्रेटेड रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा कि अगर किसी बच्चे में गर्मी से जुड़ी परेशानी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत मेडिकल सहायता दी जाए। वहीं अभिभावकों और अटेंडेंट्स को भी बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के दौरान जरूरी सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। अगले 3 दिन कैसा मौसम रहेगा
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 20 से 23 मई तक 22 जिलों में हीटवेव चलेगी। इन जिलों में फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में हीट वेव चलेगी। पंजाब में इतनी गर्मी क्यों, एक्सपर्ट से जानिए
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अधिकारी डॉ. शिविंद्र सिंह कहते हैं- हमारी रेनफॉल एक्टिविटी खत्म हो गई है। अब कोई वेस्टर्न डिस्टरबेंस नहीं है, जिसके चलते हमें मेनली क्लियर स्काई (साफ आसमान) मिल रहा है। इस कारण सूरज का ताप बढ़ने और बादल न होने की वजह से वह तापमान इस सीजन के नॉर्मल टेंपरेचर के आसपास आ गया है। आने वाले दिनों में इसमें और बढोतरी होगी। 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। अब जानिए, मानसून की एंट्री कब तक होगी
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के मुताबिक पंजाब में मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर (दोनों शाखाओं) से होकर पहुँचता है। भौगोलिक रूप से पंजाब इन दोनों समुद्री किनारों से लगभग समान दूरी पर है, इसलिए यहां दोनों तरफ की मानसूनी हवाएं आकर मिलती हैं। इसके बाद आगे मानसून चलता है। बंगाल की खाड़ी के रास्ते से मानसून आता है तो यह उत्तर प्रदेश और दिल्ली को पार करने के बाद यह हवाएं पूर्वी पंजाब (जैसे पटियाला, मोहाली, रूपनगर) के रास्ते राज्य में प्रवेश करती हैं। वहीं, अरब सागर के रास्ते मानसून आता है तो यह राजस्थान को पार कर दक्षिणी और पश्चिमी पंजाब (जैसे बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर) के रास्ते दाखिल होती हैं। पंजाब में इस बार मानसून की एंट्री 30 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच होने की संभावना है। इस बार सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। *********** ये खबर भी पढ़ें: हिमाचल में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस होगा एक्टिव: ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी, मैदानी इलाकों में बढ़ेगी गर्मी; 11 शहरों का पारा 35॰C पार हिमाचल प्रदेश में 2 दिन की तेज धूप के बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ा है। बीते 24 घंटे के दौरान राज्य के 11 शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया, जिससे मैदानी इलाकों में गर्मी में इजाफा हुआ है। (पढ़ें पूरी खबर)