लुधियाना में जनगणना ड्यूटी के दौरान एक सरकारी प्राइमरी स्कूल शिक्षक को लकवे का अटैक आने का मामला सामने आया है। घटना के बाद शिक्षकों में प्रशासन की आपातकालीन व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। आरोप है कि भीषण गर्मी के बीच फील्ड ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों के लिए न तो कोई हेल्पलाइन थी और न ही तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध करवाई गई। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 8.30 बजे सरकारी प्राइमरी स्कूल इंद्रापुरी में तैनात शिक्षक राम सिंह, भामियां कलां इलाके में जनगणना ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क किनारे गिर पड़े। मूल रूप से मोगा निवासी राम सिंह की ड्यूटी लुधियाना में लगाई गई थी। सुपरवाइजर मौके पर नहीं पहुंचा स्कूल के ही शिक्षक पासी सिंह ने बताया कि शुरुआत में स्थानीय लोगों को लगा कि शिक्षक बेसुध हालत में हैं। बाद में इलाके के एक बच्चे ने उन्हें पहचान लिया और पास में रहने वाले दूसरे शिक्षक को सूचना दी। सुपरवाइजर को भी संपर्क किया गया, लेकिन मौके पर कोई तत्काल मदद नहीं पहुंची। पासी सिंह ने बताया कि स्कूल प्रशासन से सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे तो राम सिंह की हालत गंभीर थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों का आरोप-नहीं उपलब्ध हुई एम्बूलेंस परिजनों का आरोप है कि राम सिंह ने खुद भी जनगणना इंचार्ज से मदद मांगी थी, लेकिन उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई। पहले उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 60 हजार रुपए का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी, लेकिन दवा उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में उन्हें फरीदकोट रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह बोलने की स्थिति में नहीं हैं। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के महासचिव रूपिंदर सिंह गिल ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद महिला कर्मचारियों समेत शिक्षकों की ड्यूटी उनके गृह जिलों से दूर लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि फील्ड ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के लिए न हेल्पलाइन है, न इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम और न ही उचित समन्वय, जिसके चलते ऐसे हादसे हो रहे हैं। ADC ने दिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश घटना के बाद ADC (जनरल)-कम-अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी पूनम सिंह ने बुधवार को जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन के अनुसार कंट्रोल रूम फील्ड स्टाफ को तत्काल सहायता, मार्गदर्शन और आपातकालीन मदद उपलब्ध करवाएंगे। साथ ही सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में इसकी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।