सम्राट सरकार में 72 घंटे में बिहार पुलिस ने 7 एनकाउंटर किए हैं। बुधवार की रात किशनगंज में इंटरस्टेट गैंग के अपराधी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें आरोपी के पैर में गोली लगी है। एनकाउंटर में घायल पवन कुमार उर्फ चिंटू, कटिहार जिले के रौतारा का रहने वाला है, जो अंतरराज्यीय लूट, छिनतई, चोरी जैसे आपराधिक गिरोह का सरगना है। पवन कुमार की पुलिस को काफी दिनों से तलाश थी। अबतक मिली जानकारी के मुताबिक, पवन कोढ़ा गैंग से जुड़ा है और बंगाल तक उसका नेटवर्क है। जिस स्थान पर उसकी पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई, वो इलाका पश्चिम बंगाल सीमा से महज कुछ 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सीमा पार कर बंगाल की ओर भागने की कोशिश में था। आरोपी पवन का आपराधिक हिस्ट्री क्या है? कब से अपराध की दुनिया में रखा था कदम? कोढ़ा गैंग में कैसे हुआ शामिल? बिहार से बंगाल तक कैसे पहुंचा आरोपी? इन सारे सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले मुठभेड़ से जुड़ी कुछ तस्वीरें…
2017 में अररिया में की थी पहली लूट किशनगंज पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए कुख्यात अपराधी पवन का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसका इंटरस्टेट नेटवर्क भी सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसने साल 2017 में अररिया जिले से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। शुरुआती दौर में वह चोरी की छोटी घटनाओं में शामिल था, जैसे दुकान से कुछ सामान, बाइक के कुछ पार्ट्स। 2017 में उसके खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे उसने अपना नेटवर्क बढ़ाया और कई जिलों में सक्रिय होकर लूट, छिनतई और बाइक चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने लगा। पटना में लूट-छिनतई से पुलिस की नजर में आया पुलिस के अनुसार, साल 2019 में पवन कुमार ने राजधानी पटना में अपना ठिकाना बनाया। इस दौरान कंकड़बाग, श्रीकृष्णापुरी और गर्दनीबाग थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ लूट, छिनतई और चोरी के करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हुए। पटना में पवन बड़ी-बड़ी गाड़ियों की चोरी कर उसके पार्ट्स को अलग-अलग जगहों पर बेचता था। कई बार पवन ने 2 से 3 लाख की बाइक पर भी हाथ साफ किया था। चोरी के कुछ मिनटों बाद ही पवन ने बाइक को खोलकर उसके पार्ट्स को अलग-अलग जिले में बेचे थे। राजधानी में सक्रिय रहने के दौरान वह लगातार पुलिस की निगरानी में आ गया था। कई घटनाओं में उसका नाम सामने आने के बाद उसने अपना लोकेशन बदल लिया और सीमावर्ती जिलों की ओर सक्रिय हो गया। मधुबनी में भी कई मामले दर्ज पटना के बाद पवन कुमार ने उत्तर बिहार के जिलों में अपना नेटवर्क फैलाना शुरू किया। साल 2023 में मधुबनी जिले के पंडौल और झंझारपुर थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ चोरी और छिनतई के चार अलग-अलग मामले दर्ज हुए। पुलिस का कहना है कि इस दौरान वह संगठित गिरोह के साथ मिलकर बाइक चोरी और राहगीरों से छिनतई की घटनाओं को अंजाम देता था। 2026 में किशनगंज बना नया ठिकाना साल 2026 में पवन कुमार का नेटवर्क किशनगंज जिले में तेजी से सक्रिय हुआ। नगर थाना और ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ छह अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। किशनगंज आकर उसने धीरे-धीरे बंगाल में भी अपना नेटर्वक बनाने की शुरूआत की। बिहार के कोढ़ा गैंग के साथ जुड़कर उसने बंगाल में भी सामान बेचना शुरू कर दिया। किशनगंज पुलिस का कहना है कि पवन कुमार सीमावर्ती क्षेत्रों का फायदा उठाकर वारदात के बाद तुरंत पश्चिम बंगाल की ओर फरार हो जाता था। इसी वजह से उसे पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। कई अपराध में सरगना की भूमिका में रहा पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पवन कुमार के खिलाफ अररिया, पटना, मधुबनी, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया समेत कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के कुछ थाना क्षेत्रों में भी उसकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को मिली है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह अंतरराज्यीय बाइक चोरी और छिनतई गिरोह का सक्रिय सदस्य ही नहीं, बल्कि कई मामलों में सरगना की भूमिका भी निभा रहा था। हाल के दिनों में किशनगंज में हुई बाइक चोरी की घटनाओं के दौरान पवन कुमार और उसके गिरोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में अपराधी बाइक चोरी कर फरार होते दिखाई दिया था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। पुलिस के लिए बना हुआ था चुनौती लगातार जिलों का लोकेशन बदलना, चोरी की बाइक का इस्तेमाल करना और सीमावर्ती रास्तों से फरार होना पवन कुमार के गिरोह के काम करने का तरीका था। पुलिस का कहना है कि उसके गिरोह के कई सदस्य अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। किशनगंज पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। इससे पहले भी शहर में हुई कई छिनतई और बाइक चोरी की घटनाओं में अपराधियों के बंगाल की ओर फरार होने की बात सामने आती रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पूछताछ में कई अहम जानकारी मिलने की बात कही जा रही है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बंगाल और बिहार की गैंग साथ काम कर रहे एनकाउंटर के बाद एक बड़े इंटरस्टेट अपराधी गिरोह का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी स्थित फटापुकुर गैंग और बिहार के कटिहार के कुख्यात कोढ़ा गैंग के सदस्य मिलकर चोरी, छिनतई और बाइक लूट जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इस गिरोह में 25 से 30 अपराधियों के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि यह गैंग बिहार और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में सक्रिय थी। बेहद शातिर तरीके से घटनाओं को अंजाम देता था। इसी गैंग में पवन समेत तीनों पंकज और छोटू यादव शामिल हैं। पकड़ा गया आरोपी पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के फटापुकुर का रहने वाला है।
कैसे काम करती गैंग?
बंगाल के बिजनसमैन को लूटने वाला था किशनगंज एसपी ने दैनिक भास्कर को बताया, अपराधी पवन कुमार के बारे में हमलोगों को लगातार इनपुट मिल रहा था। इसी दौरान बुधवार की शाम जानकारी मिली की आरोपी पवन देर रात अपने 2 अन्य साथी के साथ मिलकर बंगाल के एक बिजनसमैन से लूट करने वाला है। हमने तुरंत टीम बनाई और हर जगह चेकिंग पॉइंट लगा दिया। आरोपियों की प्लानिंग थी कि जैसे ही व्यवसाई बंगाल से बिहार आएंगे उनको निशाना बना लेंगे। हमने उस रास्ते पर भी पुलिस गाड़ियों को खड़ा कर दिया। जैसे ही आरोपी मौके पर पहुंचा, हमारी टीम ने करीब एक किलोमीटर तक उसका पीछा किया। इसी दौरान अपराधी पुलिस को देखकर भागने की फिराक में था। भागने के दौरान पुलिस अधिकारियों और अपराधी पवन कुमार उर्फ चिंटू के बीच गोलीबारी हुई। अपराधी पवन कुमार ने पुलिस पर हमला कर दिया। आत्मरक्षा में पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पुलिस अधिकारी और अपराधी दोनों घायल हो गए। घायल पुलिस अधिकारियों और अपराधी को प्राथमिक इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ के बाद चौहान बस्ती से तेघरिया जाने वाली सड़क को एहतियातन बंद कर दिया गया। देर रात से ही इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। 72 घंटे में 7 एनकाउंटर सम्राट सरकार में 72 घंटे में बिहार पुलिस ने 7 एनकाउंटर किए हैं। बुधवार की रात किशनगंज में इंटरस्टेट गैंग के अपराधी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें आरोपी के पैर में गोली लगी है। वहीं, छपरा में डॉक्टर के अपहरण की कोशिश करने वाले दो अपराधियों को पुलिस ने पैर में गोली मारकर घायल कर दिया है। बुधवार को 3 अपराधियों का एनकाउंटर हुआ, जिसमें से तीनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसी तरह मंगलवार की सुबह पटना में दिनदहाड़े सिक्योरिटी वैन से 27 लाख लूट में शामिल बदमाश को पुलिस ने दौड़ाकर गोली मारी है। इसके अलावा समस्तीपुर में CSP लूट और छिनतई के आरोपी कुख्यात अपराधी प्रिंस को भी पुलिस ने पैर में गोली मारी। वहीं, सोमवार की सुबह-सुबह सीवान में पुलिस ने जामापुर सोना दुकान लूटकांड के एक आरोपी को दौड़ाकर पैर में गोली मारी। पटना में एक शिक्षक से लूटपाट और गोलीबारी के मामले में पुलिस ने दो अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। इस दौरान एक अपराधी संदीप उर्फ बादल के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी प्रिंस पकड़ा गया। बिहार में अपराधियों के एनकाउंटर का सिलसिला लगातार जारी है। इस बीच गुरुवार को सीएम ने कहा, बिहार की समृद्धि का रास्ता ही सुशासन है। कुछ लोगों को अपनी चिंता होती है। कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि पुलिस एनकाउंटर कर रही है तो उसमें जाति भी पूछनी चाहिए। मैं तो पुलिस वालों से कहूंगा कि पूछो जाति पूछकर ही गोली चलाइए। ऐसे मत चलाइए। लोग क्या-क्या कॉमन सेंस यूज करते हैं।