झांसी पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी मामले में सटोरियों को सर्वर उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि देश में पहली बार ऐसे आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के सर्वर की मदद से सट्टेबाज ऑनलाइन वेबसाइट और एप संचालित करते थे, जिन पर लाखों-करोड़ों रुपए का दांव लगाया जाता था। आरोपी झांसी के कई सट्टा कारोबारियों के संपर्क में था। शुक्रवार को वह सटोरियों से मिलने झांसी आया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूरा मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का है। इससे पहले पुलिस भाजपा नेता आशीष उपाध्याय समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में अभी भी कई आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए… 50 लाख फ्रीज कराए थे रुपए झांसी ASP अरीबा नोमान ने बताया- झांसी में सटोरियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन-720’ अभियान चलाया जा रहा है। 29 अप्रैल को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आईपीएल में सट्टा खिलाने वाले तीन आरोपी अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से मुस्तरा गांव से सखी के हनुमान मंदिर वाले रास्ते पर आने वाले हैं। सूचना पर रवि श्रीवास्तव ने पुलिस टीम के साथ घेराबंदी की। इस दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश में सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। घटना में दरोगा निखिल कुमार और ड्राइवर घायल हो गए। पुलिस ने तिलियानी बजरिया निवासी शुभम उपाध्याय, गल्ला मंडी रोड सिंधी कॉलोनी निवासी विजय बाधवा और डडियापुरा मोहल्ला निवासी नितिन अग्रवाल को गिरफ्तार किया था।आरोपियों के पास से 8 मोबाइल, एक टैबलेट, 84,500 रुपए नकद और करीब 100 करोड़ रुपए के सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़े बहीखाते बरामद हुए थे। पुलिस ने उनके बैंक खातों में मौजूद 50 लाख रुपए भी फ्रीज कराए थे। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी अपनी गैंग के साथ मिलकर मोबाइल के जरिए सट्टा खिलाने के लिए दो वेबसाइट चला रहे थे। वेबसाइट के जरिए सर्वर प्रोवाइडर अरेस्ट
ASP अरीबा नोमान ने बताया- दोनों वेबसाइट्स की जांच में इंदौर निवासी शिवेश चव्हाण का नाम सामने आया, जो सट्टा गैंग को सर्वर मुहैया करा रहा था। शुक्रवार को शिवेश झांसी आया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे इलाहाबाद बैंक चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से एक लैपटॉप, एक सैमसंग गैलेक्सी S-25 अल्ट्रा समेत दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि अमेजन वेब सर्विस से सर्वर ‘लीव स्विच’ को दिया गया था। वहां से यह हर्बी मीडिया तक पहुंचा और फिर शिवेश के जरिए सट्टा गैंग को उपलब्ध कराया गया। आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी की वेबसाइट और एप चलाने के लिए सर्वर उपलब्ध कराता था। शिवेश झांसी के शुभम उपाध्याय, प्रेम खटीक और नीरज गोस्वामी के संपर्क में था। तीनों आरोपी इसी सर्वर के जरिए दो बैटिंग एप और वेबसाइट चला रहे थे। यह नेटवर्क कमीशन बेस पर 10 से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी या मासिक सब्सक्रिप्शन के आधार पर काम करता था। फिलहाल पुलिस ने दोनों वेबसाइट्स को बंद करा दिया है। अब जानिए किसका क्या रोल था- नीरज गोस्वामी: गेम डेवलपर है। इसी ने ऑनलाइन सट्टा चलाने के लिए वेबसाइट डेवलप कराई थी। शिवेश चव्हाण: सट्टेबाजी से जुड़ी वेबसाइट चलाने के लिए सर्वर की जरूरत थी। शिवेश ने सर्वर उपलब्ध कराया, जिसके जरिए वेबसाइट रन हो सकी। शुभम उपाध्याय: सुपर मास्टर एजेंट यानी मुख्य संचालक की भूमिका में था। वह सीधे शिवेश के संपर्क में था और सर्वर लेकर वेबसाइट चला रहा था। विजय बाधवा: इस नेटवर्क में ब्रोकर की भूमिका निभा रहा था। नितिन अग्रवाल: मास्टर एजेंट और एजेंट के तौर पर काम कर रहा था। गैंग के कई सदस्य अभी भी फरार पुलिस के मुताबिक, अभी इस गैंग के नीरज गोस्वामी, पप्पू यादव, पंकज राय, सौरभ लिकधारी, सोनू चड्ढा, हरीश कुमार, आकाश चंचलानी, सुमित साहू और रोशन मुंशी फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। —————— ये खबर भी पढ़िए- मोटी कहने पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की पिटाई:दो लड़कियों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, काशी विद्यापीठ में पेपर छूटने के बाद हुआ विवाद वाराणसी की फेमस सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कुछ लड़कियों ने जमकर पीट दिया। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर वैष्णवी आज पेपर देने आई थी। 4:30 बजे पेपर खत्म होने के बाद मैं निकल रही थी। पढ़ें पूरी खबर…