मंडी में पंचायत चुनाव में मतदान कल:पहले चरण की तैयारी पूरी, 5 हजार कर्मी संभालेंगे जिम्मेदारी, तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

हिमाचल में पंचायती चुनावों को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गईं। मंडी में 3135 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पहले चरण के लिए करीब 5000 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। 26 को होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने सोमवार को बताया कि जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करवाए जाएंगे। उपायुक्त ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर जरूर वोट डालें और लोकतंत्र को मजबूत करें। अलग-अलग रंगों के मतपत्र चुनाव प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग रंग के मतपत्र तय किए गए हैं। जिससे मतदाताओं को विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशियों की पहचान करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उपायुक्त ने मतदाताओं से विशेष अपील की है कि वे उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह के ठीक सामने मोहर लगाएं, ताकि उनका वोट व्यर्थ न जाए। कई पंचायतों ने सहमति से चुने प्रतिनिधि
जिले में कुछ पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध भी चुने जा चुके हैं। कई पंचायतों ने आपसी सहमति से पंचायत प्रधान, उप प्रधान और वार्ड सदस्यों का चुनाव किया है। ऐसी पंचायतों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। कई प्रत्याशी दूसरा उम्मीदवार न होने से निर्विरोध चुने गए हैं। किस पद के लिए किस रंग का मतपत्र जिले की 577 ग्राम पंचायतों में उम्मीदवारों की संख्या प्रधान पद: 2291 प्रत्याशी उपप्रधान पद: 2152 प्रत्याशी वार्ड सदस्य पद: 4662 प्रत्याशी (3305 पदों के लिए) पंचायत समिति सदस्य: 1027 प्रत्याशी (267 पदों के लिए) जिला परिषद सदस्य: 183 प्रत्याशी (36 सीटों के लिए) मतदान कार्यक्रम: जिले में पंचायत चुनाव तीन चरणों में होंगे: पहला चरण — 26 मई 2026: 198 ग्राम पंचायतों में दूसरा चरण — 28 मई 2026: 196 ग्राम पंचायतों में तीसरा चरण — 30 मई 2026: 183 ग्राम पंचायतों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। जिले में कुल 3135 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पहले चरण के लिए करीब 5000 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रशासन की पूरी टीम चुनाव को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना प्रधान, उप प्रधान और वार्ड सदस्यों के लिए मतदान के उसी दिन मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनावों की मतगणना 31 मई को वेबकास्टिंग और वीडियोग्राफी के साथ करवाई जाएगी।

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