भास्कर न्यूज | जालंधर जनता अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी के साथ सरेआम मारपीट और बदसलूकी के मामले में थाना-8 की पुलिस ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को अस्पताल में हंगामा कर रहे लोगों को शांत करवाने गए एक कांस्टेबल पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल सिपाही की वर्दी फाड़ दी, बल्कि उनकी वर्दी वाली पगड़ी भी उतार कर जमीन पर फेंक दी। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है। प्राप्त जानकारी और दर्ज एफआईआर के अनुसार, पीसीआर टीम में तैनात सिपाही हरप्रीत सिंह (उम्र 25 साल) को 24 मई को सूचना मिली थी कि जनता अस्पताल में कुछ लोग भारी हंगामा कर रहे हैं। सूचना पाकर जब हरप्रीत मौके पर पहुंचे, तो वहां 20-25 लोगों की भीड़ इकट्ठा थी, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। यह भीड़ अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ के साथ गाली-गलौज और झगड़ा कर रही थी। बीच-बचाव करने पर सिपाही पर टूट पड़ी भीड़ ः सिपाही हरप्रीत सिंह ने जब अपनी ड्यूटी निभाते हुए भीड़ को समझाने और रोकने की कोशिश की, तो कुछ लोग उनके साथ बदतमीजी पर उतर आए। हरप्रीत के अनुसार, भीड़ में से एक व्यक्ति ने उन्हें कॉलर से पकड़ लिया और झटके से खींचा, जिससे उनकी वर्दी के बटन टूट गए। इसके बाद उस व्यक्ति ने उनकी पगड़ी को पकड़ कर खींचा और जमीन पर फेंक दिया। आरोप है कि हमलावर ने उनके पेट के निचले हिस्से और प्राइवेट पार्ट पर भी वार किए। हमले के दौरान जब हरप्रीत के साथी एएसआई जतिंदर कुमार ने शोर मचाया, तो थाना डिवीजन नंबर 8 की पुलिस पार्टी मौके पर पहुंच गई। भारी पुलिस बल को आते देख भीड़ घबरा गई और आरोपी अपने मरीज को लेकर मौके से फरार हो गए थे। बाद में पुलिस जांच में मुख्य हमलावर की पहचान रमनजीत सिंह (निवासी गांव संगवाल, थाना करतारपुर) और उसकी बहन शरनजीत कौर के रूप में हुई। पुलिस ने सिपाही हरप्रीत सिंह के बयानों के आधार पर बीएनएस की संबंधित धाराओं (132, 221 और 61(2)) के तहत मामला दर्ज कर लिया। ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी 20-25 अज्ञात लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।