बिहार सरकार की खेल और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह मंगलवार को बेला औद्योगिक क्षेत्र और इंडोर स्टेडियर देखने पहुंचीं। इंडोर स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान इक्विपमेंट पर धूल जमी देखकर भड़क गईं। अधिकारियों और कर्मचारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा- “तुम्हें सैलरी मिलती है, फिर इस पर धूल क्यों जमा है?” खेल भवन में डीएसओ समेत कई अधिकारियों और खिलाड़ियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने जिम कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। इसी दौरान ट्रेडमिल पर धूल जमी देख नाराज हो गईं। इससे पहले श्रेयसी सिंह बेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री का निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां औद्योगिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद सिकंदरपुर स्थित खेल भवन पहुंची थीं। मंत्री ने पूछा- मेंटेनेंस पर ध्यान क्यों नहीं? निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों से पूछा- जब नियमित रूप से आपको वेतन मिल रहा है तो जिम और उपकरणों की सफाई और रखरखाव ठीक तरीके से क्यों नहीं हो रहा है? उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खिलाड़ियों के उपयोग में आने वाली सुविधाओं को बेहतर स्थिति में रखा जाए। खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्विमिंग पूल भवन का नहीं खुला ताला इंडिर स्टेडियम देखने के बाद श्रेयसी सिंह सिकंदरपुर स्थित नेहरू स्टेडियम पहुंचीं, जहां उन्होंने क्रिकेट ग्राउंड का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों ने कई कमियों से उन्हें अवगत कराया। इसी दौरान उनकी नजर नव-निर्मित स्विमिंग पूल भवन पर पड़ी, जिसका दरवाजा बंद था। मंत्री ने भवन का ताला खोलने को कहा। इस दौरान वो 10 मिनट तक चिलचिलाती धूप में खड़ी रही, लेकिन चाबी नहीं मिला। इसके बाद मंत्री बिना निरीक्षण किए वहां से लौट गईं। बाद में अधिकारियों ने बताया कि भवन का अब तक हैंडओवर नहीं हुआ है, इसलिए उसे खोला नहीं जा सका। खेल से जुड़े डेवलपमेंट के कामों की समीक्षा होगी, कमियां दूर होंगी मंत्री श्रेयसी सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंडोर स्टेडियम और खेल सुविधाओं का निरीक्षण करने पहुंची थीं। हम सभी जिलों में जाकर खेल से जुड़े डेवलपमेंट कार्यों की समीक्षा करेंगे और जहां जो कमियां होंगी, उन्हें दूर कर व्यवस्थित किया जाएगा। इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर से हो गई है। मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर माहौल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।